पीठासीन पदाधिकारी व प्रथम पोलिंग ऑफिसर को मिलेगी ट्रेनिंग

बिहार विधानसभा आम चुनाव की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग ने भौतिक प्रशिक्षण पर जोर दे रहा है.

पटना. बिहार विधानसभा आम चुनाव की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग ने भौतिक प्रशिक्षण पर जोर दे रहा है. इसको लेकर आयोग ने राज्य के सभी जिलों को निर्देश दिया है कि मतदान कर्मियों के पहले प्रशिक्षण सत्र होगा. इसके दौरान पीठासीन पदाधिकारियों और प्रथम मतदान पदाधिकारियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की मॉक ड्रिल कराया जायेगा. आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र में इवीएम-वीवीपैट सेट पर 100-100 वोट डालकर मॉक ड्रिल करायी जायेगी जिससे मतदान प्रक्रिया की गहन समझ विकसित की जा सके. इस कवायद का मकसद यह है कि चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी व्यावहारिक रूप से भी पूरी तरह दक्ष हो जाये. प्रशिक्षण के दौरान की जाने वाली इस मॉक ड्रिल की निगरानी संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी करेंगे और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजेंगे. निर्वाचन विभाग का मानना है कि इस अभ्यास से न केवल तकनीकी त्रुटियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा, बल्कि मतदान के दिन किसी प्रकार की अड़चन की संभावना भी कम होगी. जिला निर्वाचन कार्यालयों को भेजे गये पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यह मॉक ड्रिल प्रशिक्षण का अनिवार्य हिस्सा होगी और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी जिलों से अपेक्षा की गयी है कि वे निर्देशों का अक्षरशः पालन करें और प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने में कोई कसर न छोड़ें.

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By RAKESH RANJAN

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