RJD में वापसी पर तेज प्रताप ने तोड़ी चुप्पी, गीता की कसम खाकर कह दी बड़ी बात

Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया कि वह किसी भी हालत में आरजेडी में वापस नहीं जाएंगे. परिवार से दूरी, राजनीति में साजिश, नीतीश कुमार, मोदी, राहुल गांधी और भोजपुरी संगीत पर उन्होंने अपनी बात रखी है.

Tej Pratap Yadav: लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक यूट्यूबर से बातचीत में कहा कि वह गीता पर हाथ रखकर कसम खाते हैं कि जान दे देंगे, लेकिन कभी भी राष्ट्रीय जनता दल में वापस नहीं जाएंगे. उन्होंने दो टूक कहा कि उनके अंतिम समय में भी सिर्फ जेजेडी पार्टी का ही कफन उन पर डाला जाएगा. इस बयान ने साफ कर दिया कि वह अपनी राजनीतिक राह अलग मान रहे हैं.

खुद को बताया महादेव का सच्चा भक्त

तेज प्रताप ने खुद को महादेव का सच्चा भक्त बताते हुए कहा कि वह झूठ बोलने वालों में से नहीं हैं. उन्होंने कहा कि परिवार और राजनीति दोनों जगह उन्होंने काफी दर्द झेला है. बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कुछ लोगों को जयचंद बताया और इशारों में आरोप लगाया कि साजिश के तहत उन्हें परिवार से दूर किया गया.

पीएम मोदी और राहुल गांधी पर क्या बोले

बातचीत के दौरान जब उनसे राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने दिलचस्प अंदाज में जवाब दिया. तेज प्रताप ने कहा कि राहुल गांधी उन्हें इसलिए अच्छे लगते हैं क्योंकि वह फटफटिया चलाते हैं, लेकिन मोदी भी उन्हें पसंद हैं. वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने भरोसा करके उन्हें सत्ता दी, लेकिन वह बीच रास्ते में ही साथ छोड़ देते हैं.

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भोजपुरी इंडस्ट्री पर नाराज दिखे

तेज प्रताप यादव ने भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर भी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि आज के दौर में भोजपुरी संगीत में काफी गंदगी आ गई है. पवन सिंह और खेसारी लाल यादव का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि पहले भिखारी ठाकुर का विदेसिया समाज और परिवार को जोड़ता था, लेकिन अब भोजपुरी की दिशा बदल गई है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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