साइकिल चलाते पानी भरे प्लाॅट में गिरा किशोर, मौत, हंगामा

patna news: फुलवारीशरीफ . नोहसा में तालाब में डूबने से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गयी. किशोर के परिजन प्रशासन पर समय से नहीं पहुंचने को लेकर आक्रोशित हो गये और जमकर हंगामा किया.

By Prabhat Khabar News Desk | March 2, 2025 11:23 PM

फुलवारीशरीफ . नोहसा में तालाब में डूबने से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गयी. किशोर के परिजन प्रशासन पर समय से नहीं पहुंचने को लेकर आक्रोशित हो गये और जमकर हंगामा किया. वहीं मुहल्ले वाले और परिजनों ने कवरेज करने गये पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया और मोबाइल तक छीन लिया. इतना ही नहीं काफी देर तक प्रशासन की लापरवाही को लेकर नाराज परिवार और मोहल्ले के लोग हंगामा करते हुए मीडिया पर अपना गुस्सा उतारा. मृतक की पहचान सब्जी विक्रेता मुन्ना मियां के 14 साल के बेटे मोहम्मद आरजू सिद्दीकी के रूप में हुई. रमजान के पहले ही दिन सुबह-सुबह ऐसी घटना घटने के बाद नोहसा और आसपास के इलाके में माहौल गमगीन हो गया. फुलवारीशरीफ के नोहसा में चारों तरफ अपार्टमेंट और बड़े-बड़े मकान से घिरा एक बड़ा सा प्लाॅट खाली है जो काफी गहरा और उसमें पानी भरा है. इस जगह पर सुबह-सुबह एक लड़का साइकिल चलाते हुए पहुंचा और किसी तरह पानी में गिरकर डूब गया. काफी देर बाद जब परिवार के लोग खोजबीन की तो पता चला कि वह तालाब में डूब गया है. परिवार और मोहल्ले के लोगों की वहां भीड़ जमा हो गयी. बड़ी मुश्किल से पहले साइकिल को निकाला उसके बाद लड़के को निकाल कर स्थानीय अस्पताल पाटलिपुत्र मल्टी में लेकर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. वह इस दौरान सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मीडिया पर परिवार और मोहल्ले के लोगों ने जमकर गुस्सा उतारा. लोगों का कहना था की सूचना देने के बावजूद पुलिस प्रशासन तीन घंटे बाद वहां पहुंची, अगर पहले प्रशासन सतर्क रहता और पहुंच जाता तो शायद लड़के को बचाया जा सकता था. बरहाल मौके पर मौजूद पत्रकार भीड़ का गुस्से का शिकार हुआ. पत्रकार का मोबाइल भी छीन लिया गया, दुर्व्यवहार किया गया. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मोबाइल लौटाना पड़ा. वहीं घटनास्थल पर पहुंचे नया टोला के रहने वाले एवं ए आइ एम आइ एम के नेता मोहम्मद सोनू ने बताया कि घटना की जानकारी देने के बावजूद स्थानीय थाना प्रशासन बचाव दल एनडीआरएफ या एसडीआरएफ या गौताखोर को लेकर नहीं पहुंचा. गोताखोर अगर समय पर पहुंच जाता तो बच्चे को तालाब से जल्दी निकाल लिया जाता तब शायद उसकी जान डॉक्टर बचा सकते थे. इस संबंध में स्थानीय थाना पुलिस ने बताया कि मृतक के परिवार वालों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया और लड़के के शव को लेकर घर चले गए.

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