Teachers Salary: बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए अच्छी खबर, सैलरी को लेकर शिक्षा विभाग ने तय की डेडलाइन

Teachers Salary: सुपौल जिले में शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है. 31 जुलाई तक सभी शिकायतों के समाधान का निर्देश दिया गया है. पढ़ें पूरी खबर…

Teachers Salary: सुपौल जिले के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगति को समाप्त करने की दिशा में अब ठोस पहल की जा रही है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सुपौल सहित अन्य जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है. इसके तहत ग्रीष्मावकाश के बाद शिक्षकों से वेतन संबंधी आपत्तियाँ एकत्र कर उनका पुनर्निर्धारण किया जाएगा. साथ ही, बकाया वेतन का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए 31 जुलाई की अंतिम तिथि तय की गई है और निर्देश में यह भी कहा गया है कि किसी भी देरी के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे.

वेतन से संबंधित कई तरह की शिकायतें

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना, राहुल चंद चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्देश विशेष रूप से नियोजित से विशिष्ट बने शिक्षकों से संबंधित है जिन्हें दक्षता परीक्षा पास करने के बावजूद उचित वेतनमान नहीं मिल रहा है. साथ ही, कुछ प्राथमिक शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षकों से अधिक वेतन मिलने की शिकायत भी सामने आई है जो सेवा निरंतरता और संवर्ग परिवर्तन के कारण है. 

आपत्ति आने पर जल्द करें निपटारा

15 से 20 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को भी वरीयता और बकाया भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, डीपीओ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामले जिले में बहुत कम हैं. फिर भी यदि ग्रीष्मावकाश के बाद कोई आपत्ति सामने आती है तो उसे समय सीमा के भीतर निपटा दिया जाएगा.

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By Aniket kumar

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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