Sushant Singh Rajput Case : बिहार के पुलिस अधिकारी को पृथक-वास में भेजे जाने पर निरुपम बोले- लगता है, पगला गए हैं बीएमसी-मुंबई पुलिस

Sushant Singh Rajput Death Case मुंबई : कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच करने यहां पहुंचे बिहार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पृथक-वास में भेज दिये जाने पर सोमवार को बीएमसी और मुंबई पुलिस की आलोचना की. साथ ही, उन्होंने कहा कि क्या ये दोनों एजेंसियां पागल हो गयी हैं. उल्लेखनीय है कि रविवार को यहां पहुंचने के बाद पटना के पुलिस अधीक्षक, नगर, विनय तिवारी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने गोरेगांव स्थित राज्य रिजर्व पुलिस बल कैम्प में 15 अगस्त तक पृथक-वास में भेज दिया है.

Sushant Singh Rajput Death Case मुंबई : कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच करने यहां पहुंचे बिहार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पृथक-वास में भेज दिये जाने पर सोमवार को बीएमसी और मुंबई पुलिस की आलोचना की. साथ ही, उन्होंने कहा कि क्या ये दोनों एजेंसियां पागल हो गयी हैं. उल्लेखनीय है कि रविवार को यहां पहुंचने के बाद पटना के पुलिस अधीक्षक, नगर, विनय तिवारी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने गोरेगांव स्थित राज्य रिजर्व पुलिस बल कैम्प में 15 अगस्त तक पृथक-वास में भेज दिया है.

मुंबई कांग्रेस के पूर्व प्रमुख निरुपम ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘लगता है, बीएमसी और मुंबई पुलिस पगला गए हैं. सुशांत सिंह मृत्यु कांड की जांच करने आये आईपीएस अफसर तिवारी को 15 अगस्त तक पृथक-वास में भेज दिया गया. जांच कैसे होगी?” उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) तत्काल हस्तक्षेप करें. तिवारी को पृथक-वास से बाहर करें और जांच में मदद करें, वरना मुंबई पुलिस पर शक और बढ़ेगा.”

मुंबई पुलिस सुशांत मामले की जांच पेशेवर तरीके से कर रही है : मंत्री

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को कहा कि मुंबई पुलिस अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच ‘बेहद पेशेवर तरीके’ से कर रही है. मंत्री ने हालांकि इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि मामले की जांच कर रही बिहार पुलिस की जांच की निगरानी के लिये यहां पहुंचे पटना के नगर पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पृथक-वास में क्यों भेज दिया.

देशमुख ने संवाददाताओं को बताया, ‘’मुंबई पुलिस मामले की जांच बेहद पेशेवर तरीके से कर रही है.” महाराष्ट्र में विपक्षी भाजपा ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग की है, जबकि शिवसेना की अगुवाई वाली प्रदेश की गठबंधन सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया है.

गौरतलब है कि रविवार की रात पटना के नगर पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के मुंबई पहुंचने पर बीएमसी ने उन्हें 15 अगस्त तक पृथक-वास में भेज दिया और उनके हाथ पर मुहर भी लगा दिया है जिसमें पृथक-वास अवधि की जानकारी है. सुशांत के मामले की जांच के लिये तिवारी यहां पहुंचे थे. तिवारी को 14 दिन के लिए पृथक-वास में भेजा गया है और वह गोरेगांव में राज्य रिजर्व पुलिस बल के अतिथि गृह में रहेंगे.

बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने रविवार को आरोप लगाया था कि तिवारी को मुंबई में बीएमसी के अधिकारियों ने जबरदस्ती पृथक-वास में भेजा है. पांडेय ने रविवार को ट्वीट किया, ‘’भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी विनय तिवारी पुलिस टीम का नेतृत्व करने के लिए आधिकारिक ड्यूटी पर पटना से आज मुंबई पहुंचे थे, लेकिन बीएमसी अधिकारियों ने रात 11 बजे उन्हें जबरदस्ती पृथक-वास में भेज दिया. उन्हें अनुरोध के बावजूद आईपीएस मेस में आवास मुहैया नहीं कराया गया और वह गोरेगांव के एक अतिथिगृह में रुके हैं.”

हालांकि, बीएमसी ने कहा कि बिहार पुलिस के अधिकारी को पृथक-वास में भेजने का फैसला महाराष्ट्र सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक किया गया है. राजपूत मुंबई के उपनगर बांद्रा में स्थित अपने फ्लैट में 14 जून को फंदे से लटके मिले थे. पटना में पिछले सप्ताह सुशांत के पिता कृष्ण कुमार सिंह (74) द्वारा दर्ज एक शिकायत के आधार पर बिहार पुलिस ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ के मामले में अलग से जांच कर रही है. बिहार पुलिस ने अब तक राजपूत की मौत के मामले में 10 लोगों के बयान दर्ज किये हैं.

मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस ने सुशांत राजपूत मामले में अब तक करीब 40 लोगों के बयान दर्ज किये हैं. इनमें अभिनेता के परिजन के अलावा रसोइया और फिल्म जगत के लोग भी शामिल हैं. फिल्मकार महेश भट्ट, फिल्म समीक्षक राजीव मसंद, निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली एवं फिल्मकार आदित्य चोपड़ा समेत फिल्म जगत के कई लोगों के बयान दर्ज किये गये हैं. मुंबई के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यहां मुलाकात की और मामले में अबतक की जांच से उन्हें अवगत कराया. इससे पहले मामले में सीबीआई जांच की मांग करने के लिये देशमुख ने रविवार को भाजपा की आलोचना की थी.

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