बिहार के लाल ने बनाया ऐसा प्लेटफॉर्म, जहां दिग्गज क्रिकेटर शेयर कर रहे हैं अपनी अनसुनी कहानियां, जानिए इसके बारे में

Success Story: पटना के निशांत दयाल ने क्रिकेट की अनसुनी कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने के लिए 'मिडविकेट स्टोरीज' नाम का अनोखा ग्लोबल प्लेटफॉर्म शुरू किया है. इस मंच पर क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ी अपने जीवन, संघर्ष और ड्रेसिंग रूम से जुड़ी बातें कर रहे हैं.

Success Story: क्रिकेट सिर्फ रन, विकेट और रिकॉर्ड का खेल नहीं है. इसके पीछे संघर्ष, दोस्ती, भावनाएं और ड्रेसिंग रूम की ऐसी अनसुनी कहानियां छिपी होती हैं, जिन तक आम फैंस की पहुंच नहीं हो पाती. इन्हीं कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से पटना के युवा उद्यमी निशांत दयाल और उनकी सह-संस्थापक जया प्रसाद ने ‘मिडविकेट स्टोरीज’ नामक एक अनोखे वैश्विक क्रिकेट स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है. इस मंच का भव्य आधिकारिक लॉन्च रविवार को मुंबई के आईटीसी मराठा होटल में किया गया, जहां क्रिकेट जगत से जुड़े कई चर्चित चेहरे मौजूद रहे.

सात शहर, चार देश और तीन महाद्वीपों तक पहुंचा मंच

मिडविकेट स्टोरीज ने अब तक सात शहरों, चार देशों और तीन महाद्वीपों में क्रिकेट जगत के 11 दिग्गज खिलाड़ियों के साथ सात खास एपिसोड फिल्माए हैं. इन एपिसोड्स में ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर, वेस्टइंडीज के विव रिचर्ड्स और क्रिस गेल, इंग्लैंड के इयान बॉथम और ज्योफ्री बॉयकॉट, भारत के हरभजन सिंह, जहीर खान और नवजोत सिंह सिद्धू, श्रीलंका के सनथ जयसूर्या और ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन जैसे दिग्गज क्रिकेटर शामिल हैं.

‘यह सिर्फ शो नहीं, क्रिकेट की भावनात्मक विरासत’

लॉन्च के मौके पर निशांत दयाल ने कहा कि ‘मिडविकेट स्टोरीज’ सिर्फ एक क्रिकेट शो नहीं, बल्कि क्रिकेट की भावनात्मक विरासत को संजोने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि उनका सपना ऐसा मंच तैयार करना था, जहां दिग्गज खिलाड़ी खुलकर अपने जीवन, दोस्ती, प्रतिद्वंद्विता और उन यादों को साझा कर सकें, जिन्हें दुनिया ने पहले कभी नहीं सुना.

खेल के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी

इस पहल की सबसे खास बात इसका सामाजिक सरोकार भी है. डॉ. दयाल फाउंडेशन ने हर संस्करण के बाद दो बच्चों की हार्ट सर्जरी कराने का संकल्प लिया है. वहीं, भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी अपनी ‘हार्ट टू हार्ट फाउंडेशन’ के माध्यम से हर साल करीब 35 बच्चों की हार्ट सर्जरी में सहयोग करते हैं.

तीन साल की मेहनत के बाद तैयार हुआ मंच

लगातार तीन वर्षों की मेहनत, रिसर्च और दुनियाभर की यात्राओं के बाद यह मंच तैयार किया गया है. क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने भी इस पहल का खुलकर समर्थन किया है. भारत के महान बल्लेबाज और एमडब्ल्यूएस के प्रिंसिपल एडवाइजर सुनील गावस्कर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब निशांत दयाल उनके पास इस कॉन्सेप्ट को लेकर आए थे, तभी उन्हें महसूस हो गया था कि यह क्रिकेट की दुनिया में कुछ अलग और खास करने वाला है.

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Published by: Abhinandan Pandey

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