गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही STF ने देवा गुप्ता को छोड़ा, वकील बोले- यह हाई कोर्ट की अवमानना

Bihar News: पटना में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए मोतिहारी के कुख्यात आरोपी देवा गुप्ता को कुछ घंटों बाद ही छोड़ दिया गया. उनके वकील का कहना है कि पटना हाई कोर्ट ने पहले ही उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी थी. इसलिए यह कार्रवाई कानूनी रूप से गलत थी.

Bihar News: पटना में शुक्रवार को एसटीएफ ने मोतिहारी के चर्चित अपराधी देवा गुप्ता को गिरफ्तार किया. हालांकि उनके वकील का दावा है कि शाम करीब 6 बजे उन्हें छोड़ दिया गया. इस संबंध में उनके अधिवक्ता निलंजन चटर्जी ने जानकारी दी. यह गिरफ्तारी पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 303 से की गई थी.

वकीलों ने हाईकोर्ट आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया

देवा गुप्ता के वकील निलंजन चटर्जी और कुमारेश सिंह ने बयान जारी कर कहा कि गिरफ्तारी माननीय पटना हाई कोर्ट के आदेश का खुला उल्लंघन है. वकीलों के अनुसार, 24 दिसंबर 2025 को आपराधिक रिट याचिका संख्या 3330/2025 में हाईकोर्ट ने देवा गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. राज्य सरकार इस मामले में उपस्थित हुई थी और उसने रोक का विरोध भी किया था. इसके बावजूद एसटीएफ ने कथित तौर पर कोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बाद भी गिरफ्तारी की.

वकीलों ने आरोप लगाया कि अदालत का समय समाप्त होने के बाद गिरफ्तारी की गई. साथ ही, होली की छुट्टियां भी शुरू हो रही हैं. जिससे उन्हें कानूनी राहत लेने में भी परेशानी होती. उन्होंने इसे न्यायालय की अवमानना बताया है.

एक लाख का इनामी और कुख्यात अपराधी

मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने देवा गुप्ता को कुख्यात अपराधी के रूप में चिन्हित किया था. उन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ 28 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन मामलों में हत्या, रंगदारी, जमीन कब्जा और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं. बताया जाता है कि दो मामलों में वे लंबे समय से फरार चल रहे थे. पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी.

टॉप-100 हिट लिस्ट में था नाम सबसे ऊपर

जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने 100 अपराधियों की विशेष सूची तैयार की थी. इस सूची को अनुमोदन के लिए डीआईजी को भेजा गया था. इसमें शराब माफिया, भू-माफिया, हत्या और लूट के आरोपी शामिल थे. इस ‘टॉप-100 हिट लिस्ट’ में देवा गुप्ता का नाम पहले स्थान पर था. लेकिन कोर्ट ने स्टे ऑर्डर लगा रखा था. जिसकी वजह से उन्हें गिरफ्तारी के तुरंत बाद छोड़ दिया गया.

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Published by: Abhinandan Pandey

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