शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ होगा राज्यव्यापी संघर्ष
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से रविवार को राज्य कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने का निर्णय संघ ने लिया है.
By DURGESH KUMAR | Updated at :
संवाददाता, पटना
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से रविवार को राज्य कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने का निर्णय संघ ने लिया है. संघ के अध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह एवं महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने राज्य कार्यकारिणी ने सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने का फैसला किया है. लगातार तीन-चार महीनों से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. 18-19 वर्षों से कार्यरत नियोजित शिक्षकों की प्रोन्नति एवं वेतन विसंगति पर सरकार संवेदन शून्य है. शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा है कि लोक सेवा आयोग की अनुशंसा पर नियुक्त विद्यालय अध्यापक एवं विशिष्ट शिक्षकों की सेवा निरंतरता, वेतनवृद्धि एवं वेतन विसंगति से हो रहे आर्थिक घाटे के कारण पूरे राज्य के लाखों शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है. अगर सरकार शिक्षकों के साथ शत्रुतापूर्ण रवैया से सरकार बाज नहीं आयेगी तो विवश होकर राज्यव्यापी संघर्ष किया जायेगा. उन्होंने कहा है कि पुरुष एवं महिला शिक्षकों का स्थानांतरण की समस्या से पूरे राज्य के विद्यालयों में अफरा-तफरी का माहौल है. इसलिए विभाग को अतिशीघ्र पुरुष एवं महिला शिक्षकाें का ऐच्छिक स्थानांतरण करना चाहिये. चयनित प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने से विद्यालयों की प्रशासनिक एवं शैक्षिक कुप्रभाव पड़ रहा है. विभागीय तकनीकी बाधाओं के कारण शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन ससमय उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर विभागीय पदाधिकारी को दंडित करना चाहिये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है