पटना: बख्तियारपुर में गंगा स्नान के दौरान 7 बच्चियां डूबीं, 3 को बचाया गया; 2 लापता, 2 का शव बरामद

बख्तियारपुर के रानीसराय गंगा घाट पर सोमवार सुबह एक दुखद हादसा हो गया. गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार की सात बच्चियां डूब गईं. स्थानीय लोगों ने तीन को बचा लिया, लेकिन दो की मौत हो गई है और दो अभी भी लापता हैं.

Seven Sister Drowned In Ganges : पटना. बख्तियारपुर में सोमवार की सुबह गंगा स्नान के दौरान हादसा हो गया. रानीसराय गंगा घाट पर पहुंची एक ही परिवारी की स्नान करने सात बच्चियां एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में नदी की तेज धार में डूबने लगीं. स्थानीय लोगों ने तीन बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि चार बच्चियां गहरे पानी में बह गयीं. हादसे की सूचना मिलते ही घाट पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई.

एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर नदी में तलाशी अभियान के तहत 2की शव बरामद किया गया है, जबकि 2 अन्य की तलाशी जारी है.

एक ही परिवार की थी सब बच्चियां

लापता बच्चियों में अवधेश चंद्रवंशी की पुत्री आरती (21 वर्ष) और नंदनी (16 वर्ष), कमलेश चंद्रवंशी की पुत्री राधिका (15 वर्ष) तथा मंटू चंद्रवंशी की छह वर्षीय पुत्री बबली शामिल हैं. हादसे के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. घाट पर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया है.

एक बच्ची डूबने लगी तो बचाने दौड़ीं बाकी लड़कियां

घटना सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे की बतायी जा रही है. जानकारी के अनुसार, गांव की बच्चियां हर दिन की तरह रानीसराय गंगा घाट पर स्नान करने पहुंची थीं. सभी बच्चियां आपस में चचेरी बहनें बतायी जा रही हैं.

स्नान के दौरान अचानक एक बच्ची गहरे पानी में जाने के कारण डूबने लगी. उसे डूबता देखकर वहां मौजूद दूसरी बच्चियां उसे बचाने के लिए आगे बढ़ीं. इसी दौरान एक के बाद एक सभी पानी में फंसती चली गयीं और सात बच्चियां डूबने लगीं.

स्थानीय लोगों ने तीन बच्चियों को बाहर निकाला

बच्चियों के नदी में डूबने की जानकारी मिलते ही घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश शुरू कर दी. कई लोगों ने अपनी जान की परवाह किये बिना नदी में छलांग लगा दी और तीन बच्चियों को बाहर निकालने में कामयाब रहे.

हालांकि, नदी की तेज धार और गहरे पानी के कारण चार बच्चियों का पता नहीं चल सका. बताया जा रहा है कि इनमें मंटू चंद्रवंशी की छह वर्षीय पुत्री बबली भी शामिल है. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी.

एसडीआरएफ की मांग को लेकर सड़क जाम

हादसे की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चियों के परिजन रानीसराय घाट पर पहुंच गये. परिजन अपनी बच्चियों की तलाश के लिए तत्काल एसडीआरएफ की टीम बुलाने की मांग करने लगे.

एसडीआरएफ के आने में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया. करीब 20 मिनट तक सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा. लोगों की मांग थी कि नदी में तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया जाए, ताकि लापता बच्चियों का पता लगाया जा सके.

मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी. प्रशासन की तत्परता से एसडीआरएफ की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया. टीम ने नदी में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.

एसडीआरएफ के जवान नदी के अलग-अलग हिस्सों में लापता बच्चियों की तलाश कर रहे हैं. नदी की तेज धार और गहराई के कारण बचाव दल को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. तलाशी अभियान के दौरान अब तक दो शव बरामद किये जाने की जानकारी मिली है.

चार बच्चियों के परिवार में मचा कोहराम

हादसे के बाद चारों लापता बच्चियों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. परिजन घाट पर बेसब्री से अपनी बच्चियों के मिलने का इंतजार कर रहे हैं. कई परिजन नदी के किनारे खड़े होकर एसडीआरएफ के अभियान को देख रहे हैं.

एक ही परिवार के बच्चों के साथ हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. ग्रामीणों के अनुसार, सभी बच्चियां आपस में चचेरी बहनें हैं और साथ में गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंची थीं.

फिलहाल एसडीआरएफ की टीम नदी में तलाशी अभियान चला रही है. दो बच्चियों के शव मिलने के बाद परिजनों का दुख और बढ़ गया है, जबकि दो अन्य लापता बच्चियों की तलाश जारी है. प्रशासन और बचाव दल की कोशिश है कि नदी में तलाशी अभियान को तेज कर जल्द से जल्द सभी लापता बच्चियों का पता लगाया जा सके.

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