पटना हाई कोर्ट में सरकार के अपर महाधिवक्ता सूर्य देव यादव का निधन, बिहार स्टेट बार काउंसिल परिसर में दी गयी श्रद्धांजलि

पटना हाई कोर्ट के अपर महाधिवक्ता और बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य सूर्य देव यादव का निधन हो गया है. उनके निधन पर अधिवक्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है. बार काउंसिल परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.

Surya Dev Yadav death: पटना हाई कोर्ट में राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता, बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य और पटना सिविल कोर्ट के पूर्व पीपी सूर्य देव यादव का निधन हो गया. गत दिनों हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें पटना के आइजीआइएमएस में भर्ती कराया गया था. बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया था. वहां से वापस आने के बाद श्री यादव स्वस्थ दिख रहे थे. अचानक बुधवार की रात उनकी तबीयत खराब हुई और इसके बाद उनका निधन हो गया.

बार काउंसिल परिसर में दी गयी श्रद्धांजलि

सूर्य देव यादव का पार्थिव शरीर गुरुवार को बिहार स्टेट बार काउंसिल के परिसर में लाया गया. यहां बिहार स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन रमाकांत शर्मा समेत उपस्थित सदस्यों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

अधिवक्ताओं ने जताया शोक

सूर्य देव यादव के निधन पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता मनन कुमार मिश्र, बिहार स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन रमाकांत शर्मा, सदस्य प्रेम नाथ ओझा, प्रेम कुमार झा, योगेश चंद्र वर्मा, राजीव शरण, सचिव प्रफुल्ल चन्द्र द्विवेदी, अधिवक्ता धनंजय कुमार समेत अन्य ने श्रद्धांजलि अर्पित की. सभी ने शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

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By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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