बिहटा के नगर परिषद के वार्ड संख्या 13 स्थित प्राथमिक विद्यालय संख्या-1 एवं 2 की स्थिति वर्षों बाद भी नहीं बदली है. सरकार और शिक्षा विभाग में कई बदलाव हुए, कई शिक्षा मंत्री आये और चले गये, लेकिन विद्यालय के जर्जर भवन की समस्या अब तक बनी हुई है. इसी बदहाल परिसर में बच्चों की पढ़ाई करायी जा रही है, जबकि दूसरे भवन में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन हो रहा है. भवन की स्थिति ऐसी है कि हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है.
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए भवन की मरम्मत या नये भवन का निर्माण जरूरी है.
बिहटा के कई अन्य स्कूलों में भी भवन बदहाल
प्राथमिक विद्यालय संख्या-1 एवं 2 की तरह बिहटा प्रखंड के कई अन्य विद्यालयों के भवनों की स्थिति भी चिंताजनक है. अमहारा स्थित प्राथमिक विद्यालय, श्रीरामपुर टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय और सहवाजपुर झुग्गी-झोपड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय समेत कई स्कूलों के भवन बदहाल स्थिति में हैं.
इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जर्जर भवनों में पढ़ाई जारी रहने से कभी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है.
स्थानीय लोगों ने जल्द कार्रवाई की मांग की
स्थानीय वार्ड पार्षद प्रतिनिधि निखिल कुमार, जदयू नगर अध्यक्ष शुभम कुमार समेत अन्य स्थानीय लोगों ने मामले को गंभीर बताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बावजूद जर्जर भवनों में पढ़ाई जारी रखना चिंता का विषय है.
स्थानीय लोगों ने विभाग से मांग की है कि हादसे का इंतजार करने के बजाय सभी जर्जर विद्यालय भवनों का निरीक्षण कराया जाये. इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर भवनों की मरम्मत या नये भवन का निर्माण कराया जाये, ताकि बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके.
