पटना. पीएचइडी द्वारा जल जांच प्रयोगशाला में युवाओं को नौकरी दी जाने वाली है. इन प्रयोगशालाओं में रिक्त तकनीकी पदों पर आउटसोर्सिंग से कर्मियों का चयन अब विभाग करेगा. अब सरकार ने प्रयोगशाला के 264 रसायनज्ञ, सहायक रसायनज्ञ एवं प्रयोगशाला सहायक के पद पर नियमित नियुक्ति में हो रहे देरी को देखते हुए तत्काल संविदा पर सेवा लेने का निर्णय लिया है. साथ ही नियमित नियुक्ति के लिए आयोग से अनुरोध किया गया है, ताकि स्थायी बहाली भी जल्द हो सके.
नल जल की शुद्धता को लेकर लिया गया निर्णय
राज्य सरकार ने सात निश्चय – टू ने दीर्घकालिक अनुरक्षण नीति जारी की है. इसके तहत पीएचइडी को हर घर नल का जल द्वारा दिये जा रहे पानी की जांच नियमित करने व मानक के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है. ऐसे में पानी की निगरानी बढ़ाई जा रही है और जहां भी खाली पड़े पद है उसे संविदा या स्थायी रूप में भरने की प्रक्रिया को तेज किया गया है.
124 लैब है बिहार में
राज्य में 124 जल जांच प्रयोगशाला चल रहे है. राज्य स्तर पर एक राज्य रेफरल लैब है. 38 जिलों में जिला जल जांच प्रयोगशाला स्थापित हैं. विभाग के 76 अवर प्रमंडलों में भी अवर प्रमंडलीय जल जांच प्रयोगशाला स्थापित हैं.
सैंपल टेकर की होगी नियुक्ति
इसके साथ ही नल जल योजना पार्ट – 2 के तहत पीएचइडी ने सभी जिलों में एक-एक सैंपल टेकर रखने का भी निर्णय लिया है, जिनकी संविदा पर नियुक्ति नवंबर तक होगी. इन सभी को मासिक मानदेय लगभग 10 हजार रुपये दिये जायेंगे.
दिया जाएगा प्रशिक्षण
सैंपल टेकर की नियुक्ति के बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया जायेगा. पिछले माह जब विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आयी है कि लोगों के माध्यम से लैब तक पहुंचने वाले सैंपल सही तरीके नहीं लेने के कारण उसकी जांच ठीक से नहीं हो पा रही हैं. इस कारण से सैंपल टेकर को यह जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया है.
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घरों से सैंपल टेकर लेंगे सैंपल
प्रयोगशाला के लिये जल नमूना संग्रह के लिए सैंपल टेकर की सेवा लिए जाने का निर्णय ले रहे हैं. यह सैंपल लेंगे और उसके बाद उसकी जांच करायेंगे. वहीं जांच रिपोर्ट आने के बाद वहीं सैंपल टेकर घरों तक वापस रिपोर्ट पहुंचायेंगे.
