ये है खबर में खास
बिहार की राजनीति इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन कर दिया है. अब 20 साल बाद बिहार मुख्यमंत्री कौन? का सवाल बिहार की राजनीतिक फिजाओं में तैर रहा है. बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा! इसे लेकर भी बिहार की सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. इस बीच सम्राट चौधरी और गृहमंत्री अमित शाह की मुलाकात होने वाली है. यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है.
मंथन के बीच शाह-सम्राट की होगी लंबी मुलाकात
बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा से पहले उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मुलाकात होने वाली है. यह मुलाकात बंगाल के बागडोगरा में होगी. यह मुलाकात बिहार की सियासत के लिए बेहद अहम होने वाली है. इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है. जब बिहार में नेतृत्व परिवर्तन और नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हैं. एनडीए के अंदर भी संभावित चेहरों को लेकर मंथन जारी है. मगर इस दौड़ में सम्राट चौधरी सबसे प्रबल दावेदार हैं.
शाह ने सम्राट को बनाएंगे बड़ा आदमी
जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सम्राट चौधरी पटना से बंगाल के बागडोगरा के लिए रवाना होंगे. चौधरी पटना से बाई रोड ही बागड़ोगरा के लिए रवाना होंगे. पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान दोनों नेता एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इस मंच पर सम्राट चौधरी की मौजूदगी को भाजपा के भीतर उनके बढ़ते कद के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
CM नीतीश के साथ कैलिब्रेट हो चुके हैं सम्राट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति बनती है तो सम्राट चौधरी भाजपा के सबसे मजबूत चेहरों में से एक हो सकते हैं. सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने खुद को नीतीश कुमार के साथ कैलिब्रेट भी कर लिया है. ये बात हम अपने पाठकों को इसलिए बता रहे हैं ताकि उन्हें यह बात भी समझ आ जाए कि भले ही बिहार में सत्ता का हस्तांतरण हो रहा है. मगर नीतीश कुमार बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण निर्णय लेते रहेंगे. यानी वो अभी बिहार छोड़ रहे हैं. मगर बिहार की राजनीति से अलग नहीं हो रहे हैं.
रणनीतिक और राजनीतिक रूप से अहम ये मौजूदगी
इधर, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में भाजपा संगठन को मजबूत करने के लिए भी अमित शाह का यह दौरा अहम माना जा रहा है. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब बंगाल में चुनाव की तैयारी चल रही है. सम्राट चौधरी की मौजूदगी को भाजपा की व्यापक राजनीतिक और रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
बिहार और बंगाल के लिए बड़े संकेत
इस बात की भी चर्चा है कि बिहार और बंगाल के मुस्लिम डॉमिनेंस वाले ऐरिया को बीजेपी केंद्र के शासन में लेना चाहती है. ऐसे में यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फिलहाल बिहार और बंगाल दोनों राज्यों की राजनीति पर इस मुलाकात की नजरें टिकी हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद बिहार की राजनीति में आगे की रणनीति को लेकर कुछ बड़े संकेत सामने आ सकते हैं.
Also Read : विधायकों संग निशांत कुमार ने की मीटिंग, विकसित बिहार का पोस्टर जारी
