'अगर मैं नाबालिग होता तो जेल में क्यों रखा जाता?' सम्राट चौधरी ने उम्र, एफिडेविट और नाम पर विपक्ष को खूब सुनाया

Samrat Choudhary: बिहार विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने अपने पुराने मामलों, एफिडेविट विवाद और राजनीतिक सफर को लेकर उठे सवालों पर खुलकर जवाब देते हुए कहा कि हर लड़ाई कानूनी तौर पर जीतकर ही यहां तक पहुंचा हूं.

Samrat Choudhary: बिहार विधानसभा में आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने बहुमत साबित कर दिया. फ्लोर टेस्ट ध्वनिमत से पास हो गया, जिसके बाद स्पीकर प्रेम कुमार ने नई सरकार को बधाई दी. इस दौरान सत्ता पक्ष ने एकजुटता दिखाई, जबकि विपक्ष ने सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन संख्या बल के आगे उसकी रणनीति कमजोर पड़ गई.

तेजस्वी यादव पर सीएम का जोरदार पलटवार

बहुमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके नाम, उम्र और एफिडेविट को लेकर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह बेबुनियाद है.

सीएम ने साफ शब्दों में कहा, ‘अगर मैं नाबालिग होता तो क्या 1995 में जेल में रखा जाता या बाल सुधार गृह में? मेरे सभी मामले लोअर कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गए हैं, और हर बार मैं कानूनी लड़ाई जीतकर यहां पहुंचा हूं.’

एफिडेविट विवाद पर भी दिया जवाब

एफिडेविट को लेकर उठे सवालों पर भी सम्राट चौधरी ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि जब तक किसी डिग्री या दस्तावेज को यूजीसी या यूनिवर्सिटी से प्रमाणित नहीं किया गया, तब तक उसे शपथ पत्र में शामिल नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि 1999 में पहली बार मंत्री बना था और अब मुख्यमंत्री तक पहुंचा हूं. 27 साल की राजनीति में मेरी योग्यता और दस्तावेज पूरी तरह पारदर्शी हैं.

‘लालू राज के अत्याचार ने बनाया नेता’

मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वे लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में हुए अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण राजनीति में आए. उन्होंने कहा कि राजद के कुशासन के खिलाफ लड़ना ही मेरी राजनीति की नींव है. अन्याय के खिलाफ खड़े होना ही मेरा उद्देश्य रहा है.

‘सत्ता किसी की बपौती नहीं’

सम्राट चौधरी ने सदन में साफ कहा कि सत्ता किसी एक परिवार या व्यक्ति की जागीर नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद से मिला है. यह किसी की बपौती नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव के दौर में उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया गया. मेरे परिवार के 22 लोगों को जबरन जेल में डाला गया था. बाद में मिलर स्कूल मैदान में माफी भी मांगी गई थी.

निजी हमलों पर भी दी चेतावनी

तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार में सम्मान नहीं देता, वह दूसरों को सम्मान का पाठ न पढ़ाए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर व्यक्तिगत हमले होंगे तो जवाब भी उसी स्तर पर मिलेगा.

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Published by: Abhinandan Pandey

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