Rishu Shri Case: ठेकेदार और लाइजनर रिशु श्री के मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं. ईडी और एसवीयू इस केस की गहराई से जांच कर रही हैं. 30 अप्रैल 2025 को एसवीयू ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया था. इसके बाद 27 मई को मीठापुर स्थित घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया.
जांच के दौरान रिशु श्री से पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आए हैं. इनमें IAS योगेश कुमार सागर और अभिलाषा शर्मा जैसे अधिकारियों के नाम शामिल हैं. इसके बाद दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके अलावा संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी और कई बड़े इंजीनियर भी जांच के दायरे में आए हैं. आरोप है कि इन अधिकारियों को रिशु श्री से फायदा मिला है.
कई विभागों के अधिकारी रडार पर
एसवीयू और ईडी अब इन सभी अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी में हैं. जरूरत पड़ने पर इनके खिलाफ केस दर्ज किया जा सकता है. जिन विभागों में रिशु श्री की कंपनियां काम करती थीं, उनकी भी जांच हो रही है. एजेंसियों ने संबंधित विभागों की सूची तैयार कर ली है.
रिश्तेदारों और कर्मचारियों की भी जांच
एसवीयू ने रिशु श्री के रिश्तेदारों और कर्मचारियों की सूची भी तैयार की है. ईडी की जांच में भी इनके नाम सामने आए हैं. अब इन सभी से पूछताछ होगी. रिशु की पत्नी रितंभरा उसकी दो कंपनियों में 50-50% की भागीदार और डायरेक्टर हैं. आरोप है कि इन कंपनियों के जरिए घूस का पैसा ट्रांसफर किया गया.
डमी डायरेक्टर और करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि रिशु श्री ने अपने भाई चिन्मय प्रिय को एक कंपनी में डमी डायरेक्टर बनाया था. एक अन्य कंपनी के खाते से 1.60 करोड़ रुपये उसके छोटे भाई शुभम श्री के खाते में ट्रांसफर हुए. एसवीयू के अनुसार यह पैसा घूस की कमाई से जुड़ा हो सकता है. अब शुभम, धर्मेंद्र और अन्य रिश्तेदार भी जांच के दायरे में हैं.
कर्मचारियों की लिस्ट भी तैयार
रिशु श्री के कई कर्मचारियों और सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं. इनमें संतोष, पवन, साहिल, रंजीत, जितेंद्र, श्याम गुप्ता, मिथिलेश और कुमकुम जैसे नाम शामिल हैं. इन सभी से भी पूछताछ होगी.
पुराने केस से जुड़ते गए तार
इस पूरे मामले की शुरुआत 2023 के एक एफआईआर से हुई थी. बाद में ईडी और एसवीयू ने अलग-अलग मामलों में जांच शुरू की. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, रिशु श्री का नाम भी जुड़ता गया. फिलहाल ईडी और एसवीयू के पास कई पुख्ता सबूत हैं. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और केस दर्ज होने की संभावना है. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं.
