मानसून से पहले राहत की तैयारी, मई में ही मिलेगा अगस्त तक का राशन

मानसून से पहले राहत की तैयारी, मई में ही मिलेगा अगस्त तक का राशन

संवाददाता,पटना

राज्य के लोगों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. अब मानसून के पहले ही मई महीने में अगस्त तक का राशन मुहैया करा दियाजायेगा.

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने आने वाले मानसून को देखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दिए जाने वाले खाद्यान्न की अग्रिम उठान और लाभार्थियों में वितरण की अनुमति दी है. खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर एक आदेश जारी किया गया है. आदेश में कहा गया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अगस्त 2025 तक के लिए आवंटित किए जाने वाले खाद्यान्न की उठान 30 मई तक पूरी की जाये.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने यह निर्णय बरसात, बाढ़ जैसे मौसम की वजह से उत्पन्न होने वाले परिवहन और भंडारण की चुनौतियों को देखते हुए लिया है. केंद्र सरकार की कोशिश है लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाया जा सके.

मंत्रालय ने भारतीय खाद्य निगम एफसीआइ को अपने गोदामों में पर्याप्त खाद्यान्न भंडारण सुनिश्चित करने और राज्यों के साथ मिलकर खाद्यान्न की अग्रिम उठान को सुचारू रूप से पूरा कराने का निर्देश दिया है.

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव ने की चावल उठाव के प्रगति की समीक्षा

इधर, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव सह एसएफसी के एमडी पंकज कुमार की अध्यक्षता में चावल के उठाव की समीक्षा की. समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह एवं निबंधक, सहयोग समितियां इनायत खान ने भाग लिया. समीक्षात्मक बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों से जिला आपूर्ति पदाधिकारी , जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं जिला प्रबंधक जुड़े रहे.समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव ने चावल की आपूर्ति की अंतिम तिथि 15 जून से पहले चावल की आपूर्ति का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने का निदेश दिया. कहा कि विभाग द्वारा चावल प्राप्ति की अंतिम तिथि 15 जून से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.

अभी तक 67 प्रतिशत ही चावल आपूर्ति का लक्ष्य हो पाया पूरा

समीक्षा में यह पाया गया कि अभी तक 67% चावल आपूर्ति का लक्ष्य ही प्राप्त हो पाया है. सीवान जिले में 52%, औरंगाबाद जिले में 55%, नालंदा जिले में 58%, जमुई जिले में 59%, भोजपुर जिले में 62%, बांका जिले में 63% चावल का लक्ष्य प्राप्त हो पाया है. इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समीक्षा में इन जिलों को तेजी लाने का निर्देश दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh kumar

Mithilesh kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >