Raksha Bandhan 2026 : पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर नलजल अनुरक्षकों की भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही. छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अनुरक्षकों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है. भूख हड़ताल के कारण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गणेश जी की हालत भी बिगड़ गई है. उनका वजन 72 किलो से घटकर 58 किलो हो गया है.
रक्षाबंधन के दिन आंदोलन जारी रहने से धरना स्थल पर भावुक माहौल देखने को मिला. कई भाई अपनी बहनों से दूर रहे और उनकी कलाई पर राखी नहीं बंध सकी. भाइयों की बिगड़ती हालत देखकर वहां पहुंची बहनें रो पड़ीं और सरकार से जल्द उनकी मांगों पर फैसला लेने की अपील की.
जमीन देने वालों को नौकरी और सीधे खाते में भुगतान की मांग
नलजल अनुरक्षकों की मांग है कि नलजल योजना के लिए जमीन देने वाले लोगों को ही अनुरक्षक के पद पर सरकारी कर्मी के रूप में बहाल किया जाए. प्रदर्शनकारियों के अनुसार करीब 1.20 लाख अनुरक्षक इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें लगभग 90 हजार लोगों के पास अपनी जमीन है.
अनुरक्षकों का आरोप है कि उनके भुगतान की राशि कभी ठेकेदार तो कभी वार्ड मुखिया के माध्यम से भेजी जाती है. उनकी मांग है कि पैसा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाए, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और भुगतान में पारदर्शिता आए.
18 हजार रुपये मजदूरी और नलजल में कथित गड़बड़ी की जांच
प्रदर्शनकारी अनुरक्षकों का कहना है कि वे पूरे साल नलजल व्यवस्था को चलाने और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी निभाते हैं. इसके बदले वे 18 हजार रुपये न्यूनतम मासिक मजदूरी की मांग कर रहे हैं.
उनका आरोप है कि सरकार की ओर से 2 हजार रुपये मासिक भुगतान की बात कही जाती है, लेकिन 2017 से 2025 तक उन्हें इस मद में एक रुपये का भी भुगतान नहीं मिला. अनुरक्षकों ने नलजल योजना की मरम्मत के नाम पर खर्च होने वाली राशि की भी जांच कराने की मांग की है.
उनका कहना है कि कई जगह पाइपलाइन खराब होने के बावजूद मरम्मत नहीं होती और इसका खामियाजा उन्हें ग्रामीणों के विरोध के रूप में भुगतना पड़ता है.
सरकार से बातचीत की मांग, बहनों ने सम्राट चौधरी से लगाई गुहार
नलजल अनुरक्षक सरकार की ओर से बातचीत नहीं किए जाने से नाराज हैं. उनका कहना है कि BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार ने बातचीत की, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने के लिए अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी आगे नहीं आया.
धरना स्थल पर मौजूद बहनों ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भावुक अपील की है कि छह सूत्री मांगों पर जल्द फैसला लिया जाए, ताकि उनके भाई आंदोलन खत्म कर घर लौट सकें.
12 दिनों से जारी भूख हड़ताल के बीच अब प्रदर्शनकारियों की नजर सरकार की पहल पर है. उनका कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.