VIDEO : पुनपुन नदी का पानी रेलवे ट्रैक तक पहुंचा, ब्रिज नंबर 21 पर बढ़ी चिंता, डाउन लाइन की ट्रेनें बंद, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट

VIDEO : पुनपुन नदी का पानी रेलवे ट्रैक तक पहुंचा, ब्रिज नंबर 21 पर बढ़ी चिंता, डाउन लाइन की ट्रेनें बंद, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट

Punpun River Water Reaches Railway Tracks : नेपाल की बारिश के बाद बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. पटना के पास पुनपुन नदी का पानी रेलवे ट्रैक तक पहुँच गया है, जिससे डाउन लाइन का परिचालन बंद कर दिया गया है. स्थानीय लोग इसे 1976 की बाढ़ से जोड़कर चिंता व्यक्त कर रहे हैं.

Punpun River Water Reaches Railway Tracks : नेपाल में भारी बारिश और वहां आई त्रासदी के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. राज्य की कई नदियां उफान पर हैं और बड़ी संख्या में गांव प्रभावित हुए हैं. इसी बीच पटना से करीब 20 किलोमीटर दूर पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से रेलवे ट्रैक तक पानी पहुंच गया है. यह स्थिति पुनपुन नदी पर बने ब्रिज संख्या 21 के पास देखने को मिली, जहां रेलवे ने एहतियातन डाउन लाइन का परिचालन बंद कर दिया है.

लाल कपड़ा लगाकर डाउन लाइन का सिग्नल बंद

पुनपुन नदी के ब्रिज नंबर 21 के पास रेलवे ट्रैक के किनारे लाल कपड़ा लगाया गया है. वीडियो में बताया गया कि लाल कपड़ा लगाकर डाउन लाइन का सिग्नल बंद किया गया है और फिलहाल इस लाइन पर ट्रेनों का परिचालन नहीं हो रहा है. बढ़ते जलस्तर और ट्रैक के पास पहुंच चुके पानी को देखते हुए रेलवे की ओर से यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके.

स्थानीय लोगों ने बताया 1976 की बाढ़ से तुलना

स्थानीय निवासी विजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पानी के स्तर में हल्की कमी आई है, लेकिन बहाव अभी भी तेज है. उनके अनुसार मौजूदा स्थिति 1976 में आई बाढ़ से कुछ कम है, हालांकि खतरा अभी बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से स्थिति लगातार चिंता बढ़ाने वाली बनी हुई है. पानी बढ़ने के कारण आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है.

घरों में पानी घुसने का खतरा

पुनपुन नदी के आसपास रहने वाले लोगों के मुताबिक कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंचने के कगार पर है. एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उनके घर तक पानी पहुंचने में करीब एक फीट का अंतर बचा है. अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो घरों में पानी घुसने की आशंका है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास के कई घर पहले ही पानी से प्रभावित हो चुके हैं. रात में जलस्तर बढ़ने की आशंका के कारण लोगों को ठीक से नींद नहीं आती और लगातार चिंता बनी रहती है.

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By साक्षी कुमारी

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