Patna Flood News : बिहार में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच गंगा, पुनपुन और दरधा समेत कई नदियां उफान पर हैं. पटना में पुनपुन नदी ने हालात को और गंभीर बना दिया है. श्रीपालपुर में पुनपुन का जलस्तर खतरे के निशान 50.60 मीटर से करीब 2.86 मीटर ऊपर पहुंचकर 53.46 मीटर दर्ज किया गया है. यह 2019 के 53.44 मीटर के स्तर को भी पार कर चुका है और नदी के पुराने उच्चतम स्तर के बेहद करीब है.
पुनपुन के बढ़ते पानी से बढ़ी चिंता
पुनपुन नदी का पानी बढ़ने से पटना के निचले इलाकों में बाढ़ का असर तेज हो गया है. कई जगहों पर सड़क और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं. मसौढ़ी समेत नदी के आसपास के इलाकों में पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है. पटना में गंगा, पुनपुन और सोन के बढ़ते जलस्तर का असर कई प्रखंडों तक पहुंच चुका है.
ऊपर ट्रेन और नीचे उफनती नदी का खौफनाक नजारा
पुनपुन नदी के बढ़े जलस्तर के बीच रेल पुल पर गुजरती ट्रेन का दृश्य बाढ़ की भयावह स्थिति को बयां कर रहा है. नदी का पानी पटना-गया रेलखंड पर स्थित पुनपुन और परसा बाजार के बीच ब्रिज नंबर-21 के गर्डर तक पहुंच गया है. यात्रियों और रेलवे ढांचे की सुरक्षा को देखते हुए इस हिस्से की डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है.
11 प्रखंडों में फैला बाढ़ का पानी
बता दें कि, पटना जिले में गंगा, पुनपुन और सोन नदियों के बढ़े जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. तीनों नदियों का पानी जिले के 11 प्रखंडों के इलाकों में फैल गया है. करीब 3.19 लाख की आबादी बाढ़ के पानी से प्रभावित है. गंगा के पानी से करीब दो लाख, पुनपुन से 1.1 लाख और सोन नदी से करीब 21 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं.
44 पंचायतों और बख्तियारपुर के तीन वार्डों में पानी
बाढ़ का सबसे अधिक असर मोकामा, अथमलगोला, फतुहा और मनेर इलाके में देखने को मिल रहा है. इन प्रखंडों की 44 पंचायतों के अलावा बख्तियारपुर नगर परिषद के तीन वार्डों में भी पानी फैल गया है. कई निचले इलाकों में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पुराने एनएच-31 पर तीन फीट तक पानी
मोकामा, अथमलगोला और बख्तियारपुर में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है. मोकामा के शिवनार और बहपुर तथा अथमलगोला के सबनीमा में पुराने एनएच-31 पर करीब दो फीट पानी बह रहा है. हाथीदह के महेंद्रपुर गांव के पास एनएच-80 पर भी बाढ़ का पानी फैल गया है.
एसएच-106 पर तीन फीट पानी
बख्तियारपुर के रबाईच में जेएमटी स्कूल के पास एसएच-106 पर करीब तीन फीट पानी जमा है. नया टोला राघोपुर और रानीसराय के आसपास भी सड़क पर पानी की तेज धार बह रही है. हालांकि, इन मार्गों पर फिलहाल आवागमन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है.
पुनपुन शहर के 500 घरों में घुसा पानी
पुनपुन नदी के बढ़े जलस्तर से शहर के रिहायशी इलाकों में भी पानी पहुंच गया है. पुनपुन शहर के करीब 500 घरों में बाढ़ का पानी घुसने की जानकारी है. पटना-गया एनएच से पुनपुन पिंडदान स्थल जाने वाली सड़क पर भी करीब एक फीट पानी बह रहा है.
छह पंचायतें जलमग्न, 20 हजार लोग प्रभावित
पुनपुन के पानी से बरावां, लखनपार, पैमार, लखना उत्तर-पश्चिम, लखना पूर्वी और बेहरावां पंचायतों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. इन इलाकों की करीब 20 हजार आबादी बाढ़ की चपेट में है. वहीं मसौढ़ी के भगवानगंज-देवरिया मार्ग पर करीब दो फीट पानी बह रहा है. गंगा का पानी बख्तियारपुर शहरी क्षेत्र में भी पहुंच गया है. रबाईच और रानीसराय की ओर से पानी शहर में प्रवेश करने के कारण करीब 10 वार्ड बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. कई निचले इलाकों की सड़कों और गलियों में पानी बह रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
10 MEMU ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का बदला रूट
दूसरी ओर, पुल पर बढ़े जलस्तर के कारण 7 सितंबर को 10 MEMU ट्रेनों को रद्द किया गया है. इनमें पटना-गया, गया-पटना और पटना-राजगीर रूट की ट्रेनें शामिल हैं. वहीं कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है.
पटना-गया रेलखंड पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी
रेल परिचालन प्रभावित होने से पटना, गया, राजगीर, इस्लामपुर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रेलवे ने यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जांचने की सलाह दी है. हालात सामान्य होने तक ट्रेनों के परिचालन में बदलाव जारी रह सकता है.
