New Rail Project: केंद्र सरकार ने बिहार को बड़ा तोहफा देते हुए पुनारख-किऊल के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन को मंजूरी दे दी. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह घोषणा की. यह रेलखंड कोलकाता से प्रयागराज तक जाने वाले मुख्य रेल कॉरिडोर का हिस्सा है, जो पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए लाइफ लाइन माना जाता है.
कितनी लंबी होगी रेल लाइन?
पुनारख-किऊल पर तीसरी और चौथी लाइन परियोजना की अनुमानित लागत 2668 करोड़ रुपए है. यह लगभग 49.57 किलोमीटर लंबी होगी, जो पटना और लखीसराय जिलों से होकर गुजरेगी. इसके बनने से तीसरी और चौथी लाइन से पटना-किऊल-झाझा सेक्शन पर भीड़ कम होगी और यात्रा समय में कमी आयेगी.
इस रेल लाइन का हो रहा निर्माण
जानकारी के मुताबिक, पुनारख-किऊल परियोजना 2030-31 तक फेज वाइज पूरा होने की उम्मीद है. लेकिन इससे पहले करीब 17 हजार करोड़ रुपए की लागत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा के बीच लगभग 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाना है.
उपमुख्यमंत्री ने बताया फायदा
केंद्र सरकार के इस तोहफे को लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी को धन्यवाद कहा. उपमुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत डिजाइन की गई यह परियोजना माल और यात्री ट्रेनों के सबसे व्यस्त रास्तों में से एक पर भीड़भाड़ कम करेगी. साथ ही रेल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ायेगी. उन्होंने कहा कि यह परियोजना पटना और लखीसराय जिलों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी.
इन राज्यों में भी रेल प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए बिहार (पुनारख-किऊल के बीच दो और रेल लाइन को मंजूरी) के अलावा झारखंड, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के लिए 9072 करोड़ रुपए की तीन बड़ी रेल मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं पर भी मुहर लगाई गई.
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