संवाददाता, पटना
पटना विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गयी है. पहले ही उन्हें देर से वेतन मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. अब आउटसोर्सिंग कर्मियों की छंटनी की जाने से कर्मियों को जीविकोपार्जन पर भी संकट आ गया है. विश्वविद्यालय में कुल 178 आउटसोर्सिंग कर्मचारी मुख्यालय कार्यालय सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत थे. इनमें से 14 आउटसोर्सिंग कर्मियों को हटा दिया गया है. वहीं 50 वर्ष से अधिक उम्र के 22 आउटसोर्सिंग कर्मियों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है. इसके बाद इन कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने कहना है कि 50 उम्र पार कर चुके, जिन 22 कर्मियों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है. वे विश्वविद्यालय में 15 से 20 वर्षों से कार्यरत हैं. इन कर्मियों ने अपनी सारी उम्र विश्वविद्यालय की सेवा में बिता दी. मई के बाद कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है. आउटसोर्सिंग कर्मियों का कहना है कि अधिकारी मिलते नहीं हैं. मिलने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है. विश्वविद्यालय के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने राज्यपाल सह कुलाधिपति व मुख्यमंत्री से कर्मियों के हित में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
