Uproar The Municipal Council Meeting : पटना नगर निगम की 12वीं साधारण बैठक में शुक्रवार को स्ट्रीट लाइट का मुद्दा सबसे ज्यादा गरम रहा. शहर के कई इलाकों में खराब पड़ी लाइटों को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया. विरोध जताते हुए कई पार्षद मेयर सीता साहू के सामने फर्श पर बैठ गए. पार्षदों ने कहा कि शिकायतों के बावजूद शहर में बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है.
बैठक में इन पार्षदों ने उठाया मुद्दा
वार्ड 7 के पार्षद अमर कुमार ने अटल पथ और सर्विस लेन पर स्ट्रीट लाइट खराब होने का मुद्दा उठाया. इसके अलावा रानी कुमारी, पूनम शर्मा, रजनी सिन्हा, तारा देवी, प्रभा देवी, सुशीला देवी और अंजलि राय समेत कई पार्षदों ने भी खराब लाइटों का मामला उठाया.
नई एजेंसी के टेंडर में सभी 5 बिड खारिज
शहर में करीब 25 हजार नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी हैं. वहीं पहले से लगी करीब 82 हजार स्ट्रीट लाइटों को ऑटोमेशन तकनीक से जोड़ा जाना है. इसके लिए नई एजेंसी के चयन को लेकर टेंडर निकाला गया था, लेकिन तकनीकी बिड में शामिल सभी पांचों कंपनियों को विभाग ने अयोग्य घोषित कर दिया. इसके कारण फिलहाल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जिम्मेदारी फिर से ईईएसएल के पास है.
7 से 10 दिन में फैसला नहीं तो निगम निकालेगा टेंडर
बैठक में नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने पार्षदों को भरोसा दिया कि विभाग से अगले 7 से 10 दिनों में स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलता है तो नगर निगम खुद नया टेंडर जारी करेगा. इसके बाद स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
3631 लीज संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने का फैसला टला
बैठक में शहर की 3631 लीज-होल्ड संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने का प्रस्ताव भी रखा गया, लेकिन अधूरा संलेख होने के कारण इस पर फैसला नहीं हो सका. प्रस्ताव के तहत राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, श्रीकृष्णापुरी और मौर्य लोक जैसे इलाकों में लीजधारकों को 10 से 12 प्रतिशत परिवर्तन शुल्क लेकर मालिकाना हक देने की योजना थी. वार्ड 38 के पार्षद आशीष सिन्हा के सुझाव के बाद प्रस्ताव को रोक दिया गया. अब 18 अगस्त को विशेष बैठक में इस पर चर्चा होगी.
जलजमाव पर भी पार्षदों ने घेरा
बैठक में शहर के कई इलाकों में जलजमाव का मुद्दा भी उठा. वार्ड 66 की पार्षद कांति देवी ने गुरुद्वारा और आसपास के इलाकों में जलजमाव की समस्या बताई. अभियंता ने कहा कि नाला संकरा होने के कारण पानी की निकासी में परेशानी हो रही है. स्थायी समाधान के लिए 11 करोड़ और 5 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग एस्टीमेट तैयार किए गए हैं. बरसात के बाद काम शुरू कराने की बात कही गयी. वार्ड 7 के पार्षद ने महेश नगर समेत तीन इलाकों में 20 दिनों से जमा पानी का मुद्दा भी उठाया.
चार प्रस्तावों पर लगी मुहर
बैठक में पांच हाई यील्ड ट्यूबवेल लगाने समेत चार प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. कचरा प्रबंधन के लिए पार्षद अपनी निधि से प्रति वार्ड दो-दो ई-रिक्शा खरीद सकेंगे. 35 स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने पर भी सहमति बनी है. इनमें 20 से अधिक जगहों पर इंस्टॉलेशन का काम पूरा होने की जानकारी दी गयी. बैठक की अध्यक्षता मेयर सीता साहू ने की. मौके पर डिप्टी मेयर रेशमी चंद्रवंशी, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य, अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे.
