Patna News : मसौढ़ी में राज्यव्यापी हड़ताल के तहत मसौढ़ी नगर परिषद के संविदा सफाईकर्मियों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया. नगर परिषद के मुख्य द्वार पर सैकड़ों सफाईकर्मियों ने झाड़ू और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया तथा जमकर नारेबाजी की. आंदोलन के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई.
शहर में जगह-जगह फैली गंदगी
हड़ताल के कारण कैलूचक, मलिकाना, दमड़ीचक, चंदापर, पटना रोड, जहानाबाद रोड समेत पूर्वी इलाके में कचरे के ढेर लग गए. कई स्थानों पर नालियां जाम हो गईं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
ठेकेदारी खत्म कर नियमित करने की मांग
आंदोलन की अगुवाई वीरूदा ने की. प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर सीधी नियुक्ति लागू करने, सभी कर्मियों को नियमित करने तथा न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की मांग की. कर्मियों का कहना है कि वर्तमान में करीब 60 से 65 संविदा सफाईकर्मियों को केवल 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है.
1986 से काम, फिर भी नहीं मिली स्थायी नौकरी
प्रदर्शनकारी बिंदा डोम ने बताया कि उनकी बहाली वर्ष 1986 में नगर पंचायत के समय हुई थी, लेकिन आज तक नियमित नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में मौजूदा मानदेय से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया कि उन्हें न नौकरी की सुरक्षा है, न साप्ताहिक अवकाश और न ही त्योहारों की छुट्टी. कई बार वेतन में भी कटौती की जाती है.
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
सफाईकर्मियों ने कहा कि यह आंदोलन पूरे बिहार के नगर निगमों और नगर परिषदों में चल रहा है. पटना में राज्यस्तरीय हड़ताल समाप्त होने के बाद ही मसौढ़ी में काम शुरू होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक सफाई कार्य पूरी तरह बंद रहेगा.
