Patna News : (मसौढ़ी) पिंडदान के प्रथम द्वार के रूप में प्रसिद्ध ऐतिहासिक पुनपुन घाट पर अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं. आगामी 25 सितंबर से शुरू होने वाला पितृपक्ष मेला 10 अक्टूबर तक चलेगा. मेले को लेकर अनुमंडल प्रशासन ने तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है. मंगलवार को मसौढ़ी एसडीओ धनराज कुमार ने पुनपुन घाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर जोर
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने घाट एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की सुविधा, पेयजल, रोशनी समेत अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने का निर्देश दिया. उन्होंने नगर पंचायत पुनपुन को घाट और आसपास के इलाकों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा. एसडीओ ने पिंडदानियों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया.
सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश
एसडीओ धनराज कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेले में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का लक्ष्य पुनपुन घाट पर स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है. निरीक्षण के दौरान अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी धर्मवीर कुमार, बीडीओ उदय कुमार, सीओ, नगर पंचायत के सिटी मैनेजर, स्वच्छता पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
पहले पुनपुन, फिर गया में पिंडदान की परंपरा
धार्मिक मान्यता के अनुसार पितरों का तर्पण करने आने वाले श्रद्धालु पुनपुन घाट पर पिंडदान की पहली क्रिया पूरी करने के बाद गया के फल्गु नदी तट पहुंचते हैं. मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने भी अपने पिता दशरथ का पिंडदान सबसे पहले पुनपुन में किया था. इसी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण पितृपक्ष के दौरान यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
