Video: प्रशांत किशोर ने वैनिटी वैन के सवालों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- अगर मैं खुले में नहीं…

Prashant Kishor Vanity Van: बीपीएससी पुनर्परीक्षा की मांग को लेकर प्रशांत किशोर छात्रों के समर्थन में धरना दे रहे हैं. लेकिन प्रशांत किशोर के अनशन से ज्यादा उनकी वैनिटी वैन की चर्चा हो रही है. अब इस मुद्दे पर उन्होंने जवाब दिया है.

Prashant Kishor Vanity Van: बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर गांधी मैदान में धरने पर बैठे जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने कहा क‍ि वह छात्रों की मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखेंगे. प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने प्रशासन से कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को छात्रों से मिलकर उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए. अगर मुख्यमंत्री उनसे मिलकर कोई रास्ता निकाल लेते हैं और वह उस समाधान से सहमत हो जाते हैं, तो हमें अनशन खत्म करने में कोई दिक्कत नहीं है. लेक‍िन जब तक छात्रों की मांगों का समाधान नहीं निकलता, तब तक अनशन को खत्म करना मुमकिन नहीं है. इसी कड़ी में एक गाड़ी की चर्चा हो रही है वो है पीके की वैनिटी वैन. यह वैन सभी हाईटेक सुविधा से लैस है. लगातार उठ रह सवाल के बीच प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर जवाब दिया है.

प्रशांत किशोर बोले- जवाब दीजिये, मैं रात में कहां सोया

प्रशांत किशोर से जब पत्रकार ने पूछा कि राजद वैनिटी वैन को लेकर कह रही है कि आप रोज 25 लाख रुपया पर डे किराया दे रहे हैं? इसमें सभी तरह की सुविधाएं हैं. इसके जवाब उन्होंने कहा, ‘आप रात भर यहीं थे और आपने देखा कि मैं छात्रों के साथ नीचे सोया था. वैनिटी वैन की जो बात कर रहे हैं उनको बोलो कि इस ठंडी में एक रात यहां बिताओ. जमीन पर सो के दिखाओ. मैं यहां बैठा हूं तो बाथरूम करने तो कहीं जाऊंगा ही. हमारा संस्कार ऐसा नहीं है कि रोड किनारे गंदगी फैलाऊं. बीजेपी वाले भी स्वच्छ भारत अभियान चला रहे हैं. अगर मैं खुले में नहीं सोऊंगा तब सवाल जायज है लेकिन मैं पिछले तीन दिन से यहीं हूं. यहां से अपने घर जाता तब सवाल उठता तो कोई बात होती. लेकिन मैं तो यहीं हूं. यहां से हिला भी नहीं हूँ.’

किराया पर क्या बोले

25 लाख रुपया प्रतिदिन कराया देने के आरोप पर पीके ने कहा, ‘इन लोगों को इतनी भी सेन्स नहीं है कि एक बस का दाम कितना होता है. एक बस 25 लाख में मिल जाता है. फिर इतना किराया कैसे दिया जाएगा. पढ़े-लिखे लोग नहीं है तो ऐसी ही बात करेंगे.’

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वैनिटी वैन में क्या-क्या है

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वैनिटी वैन की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है. इस वैनिटी वैन में कई हाईटेक सुविधाएं हैं. इस में आलीशान बेड, गद्देदार सोफा, एसी, पंखा और अन्य सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसमें आधुनिक वॉशरूम भी है. दावा किया जा रहा है कि प्रशांत किशोर अपने आमरण अनशन में इस वैनिटी वैन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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