पीपीयू का नया परिसर होगा ‘नीतीश नगर’, दर्जन भर कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई को मंजूरी

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) की 10वीं वार्षिक सीनेट की बैठक मंगलवार को आयोजित की गयी, जिसमें नये शैक्षणिक सत्र 2025-26 को लेकर कई निर्णय लिये गये.

– पीपीयू : नये सत्र से पहले अतिथि शिक्षकों की बहाली

– 673 करोड़ के घाटे का बजट पास

संवाददाता, पटना

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) की 10वीं वार्षिक सीनेट की बैठक मंगलवार को आयोजित की गयी, जिसमें नये शैक्षणिक सत्र 2025-26 को लेकर कई निर्णय लिये गये. बैठक में अकादमिक विस्तार, शोध कार्यक्रम, कर्मचारियों और खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के नये परिसर और बजट पर अहम फैसले हुए. इसके अलावा बख्तियारपुर में बन रहे नये परिसर का नाम ‘नीतीश नगर’ रखने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गयी. सीनेट ने साफ किया कि नये सत्र की शुरुआत से पहले विभिन्न कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो. बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो उपेंद्र प्रसाद सिंह ने की, जबकि बजट प्रस्ताव कुलसचिव प्रो अबु बकर रिजवी ने प्रस्तुत किया. सीनेट सदस्यों द्वारा उठाये गये प्रश्नों का क्रमवार उत्तर दिया गया. बैठक में विश्वविद्यालय के डीन, परीक्षा नियंत्रक, वित्त पदाधिकारी, वित्त सलाहकार, संकायाध्यक्ष, कई विभागाध्यक्ष, अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्य, एमएलए, एमएलसी और नामित सीनेट सदस्य उपस्थित रहे.

673 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पास

सीनेट ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 839 करोड़ रुपये का बजट पारित किया. इसमें 673 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया गया है. बजट में सबसे अधिक खर्च वेतन और पेंशन मद में है. विश्वविद्यालय के अनुसार वेतन पर 3,01,53,67,199 रुपये और पेंशन पर 1,71,66,17,212 रुपये खर्च होने का अनुमान है. विश्वविद्यालय की कुल अनुमानित आय 166 करोड़ रुपये बतायी गयी.

नया परिसर होगा ‘नीतीश नगर’

बख्तियारपुर में बन रहे नये परिसर का नाम ‘नीतीश नगर’ रखने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गयी. कुलपति ने घोषणा की कि जुलाई–अगस्त तक विश्वविद्यालय का नया परिसर बख्तियारपुर में स्थानांतरित हो जायेगा और तब इसे ‘पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, नीतीश नगर, बख्तियारपुर’ के नाम से जाना जायेगा. सीनेट ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लंबित एसीपी और एमसीपी भुगतान को शीघ्र करने का निर्देश दिया. खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर करने का निर्देश दिया गया. बैठक में कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस के प्राचार्य प्रो इंद्रजीत प्रसाद राय के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी. धन्यवाद ज्ञापन डीन प्रो राजीव रंजन ने किया.

नये सत्र से पहले अतिथि शिक्षकों की बहाली

सीनेट ने निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की बहाली नये सत्र से पहले कर ली जायेगी. कुलसचिव ने बताया कि बहाली रोस्टर के आधार पर होगी. आरक्षण रोस्टर कमिश्नर के पास भेजा गया है. वहां से स्वीकृति मिलते ही बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

दर्जनभर कॉलेजों में पीजी कोर्स को मंजूरी

सीनेट ने एक दर्जन से अधिक अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. बैठक में तय किया गया कि पीजी विभागों का पुनर्गठन नये अकादमिक मानकों के अनुरूप होगा. साथ ही कॉलेजों में पीजी सीटें बढ़ाने पर भी सहमति बनी. बीडी कॉलेज में एआइ की पढ़ाई की मंजूरी पर मुहर लगी.

कई विषयों में पीएचडी शुरू कराने पर सहमति

कई विषयों में पीएचडी कार्यक्रम शुरू कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. इसके तहत विज्ञान संकाय के जूलॉजी और मानविकी संकाय के दर्शनशास्त्र विषय में पीएचडी कोर्स वर्क सिलेबस को स्वीकृति मिली. इसके अलावा यूजीसी 2022 के पीएचडी रेगुलेशन को अपनाने और पीपीयू में लागू करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे लेकर कुलाधिपति से अनुमोदन लिया जायेगा.

बीए बीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड की पढ़ाई

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीइपी) के तहत बीए बीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड के सिलेबस निर्माण पर मुहर लगी. इसके लिए एक विशेष समिति के गठन का निर्णय लिया गया. जिन विषयों में नामांकन लिया जा रहा है, लेकिन पीजी विभाग अस्तित्व में नहीं हैं, वहां नये पीजी विभागों के गठन को भी मंजूरी दी गयी. ऑनलाइन कक्षाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की खरीद या सब्सक्रिप्शन पर भी सहमति बनी. इसके साथ ही 29 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को मानद उपाधि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी.

निर्णय समय पर लागू होंगे : कुलपति

सीनेट के सभी निर्णय समयबद्ध तरीके से लागू किये जायेंगे और प्रशासनिक स्तर पर इसकी निगरानी होगी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति सामूहिक प्रयासों से ही संभव है.

प्रो उपेंद्र प्रसाद सिंह, वीसी, पाटलिपुत्र विवि

महत्वपूर्ण निर्णय: एक नजर में

बॉक्स

नये सत्र से पहले अतिथि शिक्षकों की बहाली.

दर्जनभर कॉलेजों में पीजी कोर्स खोलने की मंजूरी.

पीजी विभागों का गठन नये तरीके से.

जूलॉजी और दर्शनशास्त्र में पीएचडी को स्वीकृति.

नया परिसर ‘नीतीश नगर, बख्तियारपुर’.

एसीपी–एमसीपी का लंबित भुगतान जल्द.

खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि समय पर.

2025–26 के लिए 839 करोड़ का बजट, 673 करोड़ का घाटा.

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Author: ANURAG PRADHAN

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