बिहार पुलिस ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ जैसा कोई अभियान नहीं चला रही : एडीजी

एडीजी (अभियान) सह एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने कहा है कि, बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ जैसा कोई अभियान नहीं चला रही है.

संवाददाता, पटना एडीजी (अभियान) सह एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने कहा है कि, बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ जैसा कोई अभियान नहीं चला रही है. पुलिस मुख्यालय के स्तर से ऐसे किसी भी ऑपरेशन के लिए निर्देश नहीं दिये हैं. अपराधियों की तरफ से पुलिस टीम पर गोलीबारी की जाती है, तो जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस फायरिंग करती है. एडीजी शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान जिला पुलिस की कस्टडी के दौरान अपराधी के भागने की कोशिश करने और फिर मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल होने की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में उत्तर दे रहे थे. उन्होंने कहा कि पुलिस किसी अपराधी को कस्टडी में लेती है और फिर वह भागने की कोशिश करता है अथवा पुलिस पर हमला करने की कोशिश करता है तो यह पुलिस दल की लापरवाही का नतीजा है. एसटीएफ की कस्टडी के दौरान इस तरह की घटना न होने की बात कही. एडीजी ने बताया कि अवैध हथियार या गोलियों की खरीद-बिक्री के मामले की तफ्तीश एनआइए के स्तर से भी की जा रही है. कई अपराधियों की संपत्ति जब्त करने से संबंधित प्रस्ताव इओयू को भेजा जा रहा है.इस वर्ष जनवरी से 20 अगस्त तक ऐसे 64 अपराधियों को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है. इसमें कुख्यात और इनामी अपराधी भी शामिल हैं. सबसे ज्यादा 14 की संख्या में अपराधियों को दिल्ली से दबोचा गया है पिछले वर्ष अपराधियों से मुठभेड़ के आठ मामले सामने आये थे. इस वर्ष इनकी संख्या बढ़कर 23 हो गयी है. इस वर्ष अब तक 857 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. दो -दो लाख के इनामी अपराधी बुटन चौधरी , विकास कुमार उर्फ जॉन राइट सहित बड़े अपराधियों- हथियार आदि की बरामदी का ब्योरा देकर एसटीएफ की उपलब्धि के आंकड़े गिनाए. दानापुर से राजद विधायक रीतलाल यादव के भाई की अवैध संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव पुलिस ने इओयू को भेजा था. वहां से इसे इडी को भेजा जा रहा है.

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Published by: Rakesh ranjan

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