नारी शक्ति से सशक्त हो रही पुलिस, देश में मिसाल बना बिहार

बिहार महिलाओं की पुलिस सेवा में भागीदारी को लेकर एक नयी मिसाल कायम करने की ओर अग्रसर है.

अनुज शर्मा, पटना

बिहार महिलाओं की पुलिस सेवा में भागीदारी को लेकर एक नयी मिसाल कायम करने की ओर अग्रसर है. जहां देश के अधिकतर राज्यों में यह लक्ष्य अभी भी दूर की बात है, वहीं बिहार आने वाले सिर्फ तीन वर्षों में पुलिस बल में 33% महिला भागीदारी के लक्ष्य को पूरा कर लेगा. यदि महिला बहाली की यही गति बनी रही, तो बिहार वर्ष 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक पुलिस बल में 33% महिला भागीदारी का लक्ष्य हासिल कर लेगा. वहीं, बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड को 175 साल लगेंगे. उत्तर प्रदेश को 44.9 और पश्चिम बंगाल को 80.2 साल चाहिए. यह आकलन 2018 के बाद पुलिस में महिला भागीदारी में हुई सालाना वृद्धि पर आधारित है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नेतृत्व में महिला हितों को प्राथमिकता देने वाली नीतियों और फ्रेंडली भर्ती नियमों के चलते आज बिहार पुलिस महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है. आइजेआर 2025, बीपीआरएंडडी और बिहार पुलिस मुख्यालय के आंकड़े इसकी पुष्टि करते नजर आ रहे हैं. देश में पुलिस बल में महिलाओं का राष्ट्रीय औसत वर्तमान में 16.05% है, जबकि बिहार का प्रतिशत 29% है, जो राष्ट्रीय औसत से 13 प्रतिशत अंक अधिक है. बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2024 तक राज्य में करीब 29,000 महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो कि कुल बल का लगभग 29% है यह देश में सबसे अधिक है. वर्ष 2005 के मुकाबले महिला पुलिसकर्मी की यह संख्या 27 गुना बढ़ चुकी है. बिहार पुलिस की कुल संख्या 1,10,000 है, और आगामी करीब 65 हजार नयी भर्तियों के साथ यह संख्या 1,85,000 तक पहुंच जायेगी.

बिहार पुलिस नारी सशक्तीकरण का अनुकरणीय उदाहरण : डीजीपी

बिहार के डीजीपी विनय कुमार उत्साह के साथ बताते हैं कि बिहार पुलिस में महिलाओं की बहाली के साथ नेतृत्व तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है. उनकके लिए पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं. पुलिस केंद्रों और थानों में महिला सेल की मजबूती के लिए उठाये जाने वाले कदम राज्य की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं. महिला बल की संख्या को ध्यान में रखकर साधन संसाधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. बिहार पुलिस नारी सशक्तीकरण का उत्तम और अनुकरणीय उदाहरण है. ऐसा नहीं है कि बिहार में केवल महिला सिपाही-दारोगा की ही भागेदारी बढ़ी है, पुलिस अधिकारियों के रूप में महिलाओं की भागीदारी 7.6% है, जो झारखंड के 3.7% और उत्तर प्रदेश के 4.6% के मुकाबले कई गुना अधिक है. वर्तमान में कुल संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है, जहां कुल 3,03,450 पुलिस बल में से 29,112 महिलाएं हैं, यानी 9.59 %. इसके बाद महाराष्ट्र है, यहां करीब 2,14,776 के बल में 26,890 महिलाएं हैं, जो 12.52% है. हालांकि, कुल संख्या में बिहार इन राज्यों से पीछे है, लेकिन प्रतिशत के हिसाब से वह अग्रणी है, जहां 29% महिलाएं हैं. इसके बाद तमिलनाडु है, जहां कुल 1,12,745 बल में 18.50% महिलाएं हैं. हिमाचल प्रदेश भी 19.15% के साथ उल्लेखनीय है, जबकि दिल्ली पुलिस में 82,195 में 12.30% महिलाएं हैं.

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Published by: Rakesh ranjan

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