पिंडदान के लिए तैयार हो रहा पुनपुन का किनारा, लक्ष्मण झूला जैसा पुल जल्द होगा तैयार

Pitru Paksha: पुनपुन नदी पर, पिंडदान स्थल के पास, रेलवे पुल के ठीक बगल में केबल सस्पेंशन पुल के निर्माण का रास्‍ता साफ हो गया है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दे दी गई है.

Pitru Paksha: पटना. राजधानी पटना के लोगों के लिए एक नई सौगात जल्द ही हकीकत बनने वाली है. अब उन लोगों को उत्तराखंड नहीं जाना होगा, जो लक्ष्‍मण झूला देखने जाने की इच्‍छा रखते हैं. ऐसे लोगों के लिए राज्‍य सरकार जल्‍द लक्ष्‍मण झूले जैसा खूबसूरत पुल बनाने जा रही है.

ठीक यहां बनकर तैयार होगा ये पुल

नीतीश कैबिनेट की पिछली बैठक में इस सस्‍पेंशन पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है. इसके बाद पुनपुन नदी पर, पिंडदान स्थल के पास, रेलवे पुल के ठीक बगल में केबल सस्पेंशन पुल के निर्माण का रास्‍ता साफ हो गया है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दे दी गई है.

पिंडदान करने आने वालों की राह होगी आसान

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 82 करोड़ 99 लाख 48 हजार रुपये खर्च होंगे. पुल की कुल लंबाई 320 मीटर (सस्पेंशन भाग और वायाडक्ट सहित) और चौड़ाई 11.50 मीटर होगी. इसके दोनों ओर के पहुंच मार्ग की लंबाई 115 मीटर होगी. यानी, अब पिंडदान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को नदी पार करने में समय और मेहनत दोनों लगते थे, लेकिन इस पुल के बन जाने से यात्रा आसान, सुरक्षित और तेज़ हो जाएगी।

क्या होगा खास

  • पैदल यात्रियों और हल्के चारपहिया वाहनों के लिए सुविधाजनक मार्ग
  • बचाव कार्यों के लिए भी उपयोगी संरचना
  • श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र
  • स्थानीय होटल, दुकान और बाजार को मिलेगा सीधा लाभ

पुनपुन के मानचित्र पर उभर आएगी ये संरचना

लक्ष्मण झूला जैसे डिज़ाइन वाला यह पुल सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि पटना के पर्यटन मानचित्र में एक नई पहचान भी जोड़ देगा. उम्मीद है, इसके शुरू होने के बाद यहां पर्यटक, श्रद्धालु और फोटोग्राफी के शौकीन बड़ी संख्या में पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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