फुलवारीशरीफ : बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियों पर गिरा ठनका, मौके पर ही मौत

Patna News : मृतक बच्चियों की पहचान सकरैचा गांव निवासी गोपाली पासवान की 12 वर्षीय पुत्री शिमरन कुमारी और रिपु पासवान की 10 वर्षीय पुत्री स्वीटी कुमारी के रूप में की गई है.

Patna News : (अजीत कुमार)  पटना के फुलवारी प्रखंड अंतर्गत सकरैचा गांव में शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा सामने आया है. सुबह करीब 8:00 बजे अचानक बदले मौसम के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई. इस भयावह घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे इलाके में कोहराम मच गया. मृत बच्चियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तोड़ा दम

मृतक बच्चियों की पहचान सकरैचा गांव निवासी गोपाली पासवान की 12 वर्षीय पुत्री शिमरन कुमारी और रिपु पासवान की 10 वर्षीय पुत्री स्वीटी कुमारी के रूप में की गई है.

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह दोनों बच्चियां रोज की तरह घर के पास ही मैदान में बकरी चराने गई थीं. इसी बीच अचानक आसमान में काले बादल घिर आए और मौसम खराब हो गया. इससे पहले कि बच्चियां संभल पातीं या किसी सुरक्षित स्थान पर छिप पातीं, तेज गर्जना के साथ उनके ऊपर काल बनकर ठनका गिर गया. वज्रपात की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों बच्चियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया.

परिजनों का बुरा हाल, सांत्वना देने पहुंचे लोग

हादसे के तुरंत बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए. दो मासूम जिंदगियों के इस तरह अचानक चले जाने से हर आंख नम थी. घटना की जानकारी मिलने पर भाकपा माले के प्रखंड सचिव गुरुदेव रविदास पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दो मासूम बच्चियों की असमय मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है.

मुआवजे की मांग

गुरुदेव रविदास ने पटना जिला प्रशासन से मांग की है कि इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया जाए और ‘आपदा राहत योजना’ के तहत अविलंब उचित सरकारी मुआवजा व हर संभव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए.

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अपील: सतर्क रहें

इस प्राकृतिक आपदा के बीच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने एक बार फिर आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जब भी मौसम खराब हो, आसमान में बादल गरजें या बिजली चमके, तो खुले मैदान, खेतों, तालाबों के किनारे या पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों. ऐसे समय में पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों में शरण लेना ही एकमात्र बचाव है.

Also Read:  पटना नगर निगम: सशक्त स्थायी समिति चुनाव के लिए देर रात तक चली बैठक, आज जारी होगी उम्मीदवारों की लिस्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >