पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट
Patna News : पटना के लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल परिसर में चोरों ने धावा बोलकर लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया. 28 अगस्त की देर रात चोर दीवार फांदकर अस्पताल परिसर में घुसे और एसी के तांबे के तार, मोटर, मड पंप समेत अन्य सामान चोरी कर ले गये. चोरों ने एमआरआइ मशीन के तार भी काट दिये. तार कटने के कारण शनिवार को एमआरआइ सेवा कई घंटे तक बाधित रही.
एमआरआइ चालू होते ही सामने आयी चोरी
शनिवार की सुबह एमआरआइ मशीन चालू की गयी, तो उसमें तकनीकी खराबी आने लगी. कर्मचारियों ने जब मशीन और उससे जुड़े तारों की जांच की, तो चोरी का मामला सामने आया. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार लैब के बाहर लगे तांबे के तार चोरी हुए हैं. अन्य सामान को मिलाकर लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है.
कई घंटे बाधित रही एमआरआइ सेवा
एमआरआइ मशीन के तार काट दिये जाने के कारण शनिवार दोपहर तक सेवा प्रभावित रही. इससे जांच कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा. अस्पताल प्रबंधन की ओर से चोरी गये तारों और अन्य उपकरणों को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गयी.
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद एलएनजेपी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गयी है. अस्पताल परिसर के कई बाहरी और सुनसान हिस्सों में रात के समय पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं रहने की बात सामने आयी है. बताया जा रहा है कि अधिकतर गार्ड अस्पताल के अंदर या इमरजेंसी के मुख्य द्वार के आसपास ही तैनात रहते हैं. ऐसे में परिसर के बाहरी हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहने का फायदा चोरों ने उठाया.
सीसीटीवी निगरानी पर भी सवाल
अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. घटना के बाद यह जांच का विषय है कि जिस हिस्से में चोर दाखिल हुए, वहां कैमरे काम कर रहे थे या नहीं. पुलिस अब चोरी की घटना से जुड़े सुरागों और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकती है.
नये भवन की सुरक्षा बीएमएसआइसीएल की जिम्मेदारी
अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने कहा कि नया भवन फिलहाल बिहार मेडिकल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) के अधीन है. ऐसे में नये भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएमएसआइसीएल की है.
करीब एक माह पहले मुख्यमंत्री ने 225 करोड़ रुपये की लागत से बने छह मंजिला सुपरस्पेशियलिटी भवन का उद्घाटन किया था. फिलहाल भवन के दो तल पर ही सेवाएं शुरू की गयी हैं. पूरा भवन शुरू होने के बाद इसे एशिया का सबसे बड़ा हड्डी रोग सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की योजना है.
