Patna World Trade Center: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के विकास को लेकर हुई समीक्षा बैठक में कहा कि सरकारी जमीन के बेहतर इस्तेमाल पर ध्यान दे रही है. बैठक में पटना की कई जगहों को नए तरीके से विकसित करने और वहां आधुनिक प्रोजेक्ट शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई.
नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी NBCC ने पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी रखा है. इसके अलावा शहर की कई दूसरी सरकारी जमीन को भी नए प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल करने की योजना है.
बिहार म्यूजियम के सामने वाली जमीन पर भी बनेगा प्लान
बैठक में बिहार म्यूजियम के सामने नेहरू पथ की जमीन के विकास का प्रस्ताव रखा गया. इसके साथ गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर-6 और बोरिंग कैनाल रोड की जमीन को भी नए तरीके से विकसित करने की योजना पर बात हुई. इन जगहों पर जमीन की जरूरत और इलाके की स्थिति के हिसाब से नए निर्माण की योजना तैयार की जाएगी.
पटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर
NBCC की ओर से पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया. सरकार की कोशिश है कि पटना में ऐसे बड़े प्रोजेक्ट लाए जाएं, जिनसे शहर को आधुनिक सुविधाएं मिलें और कारोबार के लिए भी बेहतर माहौल तैयार हो. मुख्यमंत्री ने ऐसे प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
2000 एकड़ जमीन पर पाटलिपुत्र टाउनशिप का प्लान
बैठक में पाटलिपुत्र टाउनशिप को लेकर भी बड़ा निर्देश दिया गया. मुख्यमंत्री ने करीब 2000 एकड़ जमीन पर टाउनशिप के निर्माण और विकास की योजना तैयार करने को कहा. इसके अलावा दूसरी टाउनशिप के लिए करीब 1000 एकड़ जमीन को ध्यान में रखकर भी विकास का प्लान बनाने का निर्देश दिया गया है.
पुराने सरकारी भवनों की जगह नए निर्माण की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सरकारी भवन काफी पुराने या खराब हालत में हैं, वहां जरूरत के हिसाब से नए भवन बनाए जाएं. यानी सिर्फ नई जमीन पर निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि पहले से मौजूद सरकारी संपत्तियों का भी बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिससे जमीन और सरकारी संपत्ति का पूरा फायदा लिया जा सके.
गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा में भी बनेगा प्लान
यह योजना सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगी. गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा जैसे शहरों में भी ऐसी सरकारी जमीन खोजी जाएगी, जहां बड़े विकास प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकें. इन शहरों के लिए अलग-अलग प्रोजेक्ट बनाने के बजाय एक साथ पूरी विकास योजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया है.
पटना के लिए बनेगा नया मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री ने पटना के अलग-अलग इलाकों में मौजूद सरकारी जमीन की पहचान करने और उसके आधार पर मास्टर प्लान बनाने को कहा है. इसका मकसद यह है कि सरकारी जमीन का इस्तेमाल बिना किसी बिखरे प्लान के किया जाए. जहां जो प्रोजेक्ट जरूरी हो, वहां उसी हिसाब से जमीन और निर्माण की योजना बनाई जाए.
प्रोजेक्ट में 4000 करोड़ का निवेश, 8000 करोड़ की कमाई का अनुमान
सरकार के सामने रखे गए प्रस्ताव के अनुसार पटना में अलग-अलग प्रोजेक्ट के जरिए करीब 4000 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है. इन योजनाओं से करीब 8000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया है. हालांकि, यह आंकड़ा अभी प्रस्तावित योजनाओं के आधार पर अनुमान है.
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि नए निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए. साथ ही पर्यावरण से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखा जाए. निर्माण कार्यों में 'जीरो वेस्ट मॉडल' अपनाने पर भी खास जोर दिया गया. इसका मतलब है कि निर्माण और विकास के दौरान कचरा कम से कम हो और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाए.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
प्लान जल्द किया जाएगा तैयार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास के लिए सही जमीन जल्द चिह्नित करने और उसके बाद प्लान तैयार करने को कहा है. उन्होंने निर्माण और जमीन के दोबारा इस्तेमाल से जुड़े सभी काम तय समय में और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा करने का निर्देश दिया. सरकार का लक्ष्य पटना के विकास को एक साथ और सही प्लान के तहत आगे बढ़ाना है.
इसे भी पढ़ें: गांव में रह गए मां-बाप, खेत और घर... रोजगार की तलाश में क्यों निकल रहे बिहार के युवा?
2030 में फिर बांकीपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं , प्रशांत किशोर को BJP की चुनौती
