Patna Weather Update: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून को दस्तक दी और 30 जून तक पूरे राज्य में फैल गया. इसके बावजूद पूरे जून महीने में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि समय पर मॉनसून आने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेती और जल स्रोतों पर असर साफ दिखाई देने लगा है.
15 जुलाई के बाद तेज बारिश की उम्मीद
मौसम सेवा केंद्र के अनुसार 15 जुलाई के बाद पटना समेत बिहार के अधिकांश जिलों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस दौरान अच्छी और व्यापक बारिश हो सकती है. यदि जुलाई (Patna Weather Update) के पहले पखवाड़े में भी बारिश कम रही, तो राज्य के कई हिस्सों में सुखाड़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ जाएगा.
अगले एक सप्ताह तक कैसा रहेगा मौसम
अगले कुछ दिनों में पटना सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. दक्षिण-पश्चिम मानसून (Patna Weather Update) के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. हालांकि हवा में नमी अधिक रहने से उमस भरी गर्मी से लोगों को फिलहाल पूरी राहत मिलने की संभावना नहीं है.
इन जिलों में वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने दरभंगा, गोपालगंज, समस्तीपुर सहित उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. 15 जुलाई के बाद (Patna Weather Update) मॉनसूनी सिस्टम मजबूत होने पर उत्तर से दक्षिण बिहार तक झमाझम बारिश का ऑरेंज अलर्ट द है.
खेती पर दिखने लगा बारिश की कमी का असर
पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की रोपाई लगातार प्रभावित हो रही है. लंबी अवधि वाली धान की खेती मुश्किल में पड़ गई है. खरीफ मक्का की बुआई और शुरुआती (Patna Weather Update) बढ़वार के लिए जरूरी नमी नहीं मिल रही है. उड़द और मूंग की फसल का अंकुरण प्रभावित हुआ है. तिल की खेती का रकबा घटने की आशंका है, जबकि भिंडी, लौकी, करेला, खीरा, मिर्च और टमाटर जैसी खरीफ सब्जियों के उत्पादन पर भी संकट मंडरा रहा है.
Patna Weather Update: जून में बारिश कम क्यों हुई
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार (Patna Monsoon) मॉनसून समय पर आने के बावजूद बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय नहीं हुआ. इसी वजह से पूरे जून महीने में पर्याप्त बादल नहीं बने और राज्य में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई.
पटना और गया में सबसे ज्यादा बारिश की कमी
बारिश के आंकड़ों के अनुसार जून में गया में 80 प्रतिशत और पटना में 76 प्रतिशत कम बारिश हुई. औरंगाबाद में 74 प्रतिशत, सारण और गोपालगंज में 72 प्रतिशत, भागलपुर, नालंदा और समस्तीपुर में 68 प्रतिशत, जहानाबाद में 65 प्रतिशत तथा कैमूर और भोजपुर में 64 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई. वहीं बांका, शेखपुरा, खगड़िया, बेगूसराय, सहरसा और सिवान में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई. दूसरी ओर किशनगंज में केवल 2 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि मधुबनी और सुपौल ऐसे जिले रहे जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई.
क्या है मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग का कहना है कि किसान मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और बारिश की स्थिति को देखते हुए खेती की रणनीति बनाएं. यदि 15 जुलाई के बाद अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है, तो खेती और जल स्रोतों को बड़ी राहत मिल सकती है.
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