Patna Weather Alert: हड्डियां गलाने वाली ठंड का कहर, 230 जगहों पर अलाव, रैन बसेरों में 8 हजार से ज्यादा लोगों को मिला सहारा

Patna Weather Alert: कड़ाके की ठंड और संभावित शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी, पटना के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने व्यापक स्तर पर राहत व्यवस्था शुरू की है. शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक ठंड से बचाव के इंतजाम किए गए हैं, ताकि कोई भी जरूरतमंद खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर न हो.

Patna Weather Alert: भीषण लहर और गिरते पारे के बीच पटना प्रशासन ने गरीबों और राहगीरों के लिए सुरक्षा कवच तैयार किया है. अगर आप या कोई जरूरतमंद ठंड में असुरक्षित है, तो सरकार की ये सुविधाएं आपके लिए मददगार साबित होंगी. जैसे-जैसे पटना में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे सड़क पर रात गुजारने वालों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं. लेकिन इस बार जिला प्रशासन पहले से ज्यादा मुस्तैद नजर आ रहा है.

अलाव और रैन बसेरे बने सहारा

जिला प्रशासन की ओर से अंचलों और नगर क्षेत्रों में कुल 230 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं. चौक-चौराहों, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव से लोगों को ठंड से राहत मिल रही है. इसके साथ ही 26 स्थानों पर रैन बसेरों और आश्रय घरों का संचालन किया जा रहा है, जहां अब तक 8,422 से अधिक लोग रात गुजार चुके हैं.

कंबल वितरण और सतत निगरानी

ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण भी किया जा रहा है. प्रशासन ने साफ निर्देश दिया है कि राहत व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे. अनुमंडल पदाधिकारियों सहित वरीय अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण और अनुश्रवण करने को कहा गया है, ताकि किसी स्तर पर लापरवाही न हो.

एडवायजरी का पालन करने की अपील

जिला प्रशासन ने आम जनता से शीतलहर और पाला को लेकर सरकार द्वारा जारी एडवायजरी का पालन करने की अपील की है. किसी भी आपात स्थिति में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, पटना के दूरभाष संख्या 0612-2210118 या ई-मेल dismgmtpatna@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग के टॉल-फ्री नंबर 1070 और स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 104 को भी सक्रिय रखा गया है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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