पटना के उपेंद्र महारथी संस्थान में 18 विधाओं की मुफ्त ट्रेनिंग, स्कॉलरशिप और रहने की सुविधा भी मिलेगी

Patna News: पटना के उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में राज्य के युवाओं के लिए हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है. इस योजना के तहत 18 पारंपरिक कलाओं में मुफ्त ट्रेनिंग के साथ स्कॉलरशिप और रहने-खाने की सुविधा भी दी जाएगी. कुल 400 सीटों पर नामांकन होगा और सत्र जुलाई 2026 से शुरू होगा.

Patna News: (हिमांशु देव की रिपोर्ट)
राजधानी स्थित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान ने राज्य के युवाओं के लिए मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है. इस योजना के तहत 18 पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

कौन-कौन सी विधाएं शामिल हैं

इसमें मधुबनी पेंटिंग, टिकुली पेंटिंग, पेपरमैशी, टेराकोटा, कसीदाकारी, काष्ठ कला, मेटल क्राफ्ट और जूट शिल्प जैसी प्रमुख विधाएं शामिल हैं. कुल 400 सीटों पर दाखिला होगा, जिनमें सबसे अधिक 50 सीटें मधुबनी पेंटिंग के लिए निर्धारित हैं.

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 7वीं पास रखी गई है. आवेदक की उम्र 22 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जिसकी गणना 1 जुलाई के आधार पर की जाएगी. इच्छुक उम्मीदवार 28 जून तक संस्थान की वेबसाइट www.umsas.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

चयन प्रक्रिया और परीक्षा

चयन के लिए 30 जून और 1 जुलाई को सुबह 11 बजे संस्थान परिसर में व्यावहारिक परीक्षा और दस्तावेजों की जांच की जाएगी. आवेदन के लिए बिहार का मूल निवासी होना अनिवार्य है.

स्कॉलरशिप और सुविधाएं

प्रशिक्षण के दौरान सभी छात्रों को कोर्स सामग्री मुफ्त दी जाएगी. साथ ही हर महीने 1000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी. पटना नगर निगम क्षेत्र से बाहर के प्रशिक्षुओं को रहने और खाने के लिए 2000 रुपये प्रतिमाह अलग से मिलेंगे.

महिला प्रशिक्षुओं के लिए विशेष व्यवस्था

संस्थान में 110 महिला प्रशिक्षुओं के लिए हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है. हॉस्टल में रहने वाली महिलाओं को भोजन और आवास के लिए प्रति माह 1500 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी.

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