Patna News : मसौढ़ी खरांट पंचायत के वार्ड संख्या 15 में पिछले कई दिनों से नल-जल की आपूर्ति ठप रहने के कारण ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. जलमीनार का मोटर जल जाने से घरों तक नल का पानी नहीं पहुंच रहा है. पानी की आपूर्ति बाधित होने से वार्ड के लोगों को भीषण गर्मी के बीच काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बार-बार खराब होता है जलमीनार का मोटर, इस बार कई दिनों से नहीं हुई मरम्मत
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड में जलापूर्ति के लिए लगे जलमीनार का मोटर पहले भी कई बार खराब हो चुका है. कभी स्टार्टर में खराबी तो कभी मोटर में तकनीकी समस्या के कारण जलापूर्ति बाधित होती रही है. इस बार मोटर जल जाने के बाद कई दिनों से इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी है. इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.
चापाकल से पानी भरकर चल रहा काम
नल से पानी नहीं आने के कारण बड़ी संख्या में परिवार दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर हो गये हैं. जिन घरों में चापाकल उपलब्ध है, वहां से पानी लाकर ग्रामीण किसी तरह घरेलू जरूरतें पूरी कर रहे हैं. वहीं, जिन परिवारों के घरों में चापाकल नहीं है, उन्हें दूसरे स्थानों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि पीने के पानी के साथ-साथ खाना बनाने, नहाने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है.
ग्रामीणों ने जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की
पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जलमीनार के जले मोटर को जल्द दुरुस्त कराने और नियमित नल-जल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है. उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी जैसी मूलभूत सुविधा का लंबे समय तक बाधित रहना गंभीर समस्या है. यदि जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी तो परेशानी और बढ़ सकती है.
वार्ड सदस्य से नहीं हो सकी बात
इस मामले को लेकर वार्ड सदस्य मंजू देवी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी समस्या के समाधान के लिए पहल करने की मांग की है.
बीडीओ बोले- जल्द दुरुस्त कराया जाएगा मोटर
इधर, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने बताया कि जलमीनार के मोटर को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पंचायत के वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव और मुखिया से भी संपर्क किया जाएगा. बीडीओ ने बताया कि नल-जल योजना का संचालन अब पीएचईडी के जिम्मे है. विभाग को मोटर खराब होने की जानकारी देकर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा.
