पटना के अटल पथ, राजीव नगर समेत 5 इलाकों में सड़क खोद कर छोड़ा, मानसून में बढ़ेगा हादसे का खतरा

Patna News: रोक के बावजूद पटना में सड़कों की खुदाई जारी है. खुले गड्ढे और लोहे की छड़ें लोगों के लिए खतरा बन रही हैं. बारिश के बीच हादसों का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है.

Patna News: (हिमांशु देव की रिपोर्ट)
राजधानी में रोक के बावजूद मानसून के दस्तक देने के बाद भी सड़क खोदने का काम चल रहा है. इससे आम लोगों की परेशानी काफी बढ़ सकती है. जलापूर्ति कार्य के चलते बाबा चौक के पास शुभम मार्केट तिराहा पर जेसीबी मशीन की मदद से सड़क को खोदा जा रहा है. हैरान करने वाली बात यह है कि इस पीसीसी सड़क को हाल ही में बनाया गया था. काम कर रहे लोगों ने बताया कि उन्हें 1800 मीटर तक पाइपलाइन बिछाने की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे पूरा होने में अगले 18 से 20 दिन लगेंगे. इस काम के पूरा होने के बाद करीब 200 घरों तक पानी पहुंचेगा.

बता दें कि शहर में 31 मई के बाद से ही खुदाई का काम बंद कर दिया गया था. हालांकि, बाद में एजेंसियों को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया. साथ ही, 15 जून तक हर हाल में सड़क को रिस्टोर करने की डेडलाइन तय की गई है. लेकिन जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उससे 15 जून तक खुदाई का काम भी पूरा होना मुश्किल लग रहा है. इस संबंध में डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने कहा कि जांच करा लेता हूं.

राजीव नगर और पटेल नगर में निर्माण कार्य से परेशानी

पटेल नगर में सड़क को खोदकर नाला निर्माण का काम चल रहा था, जिसे फिलहाल बंद कर दिया गया है. लेकिन निर्माण बंद होने के बाद गड्ढों को वैसे ही खुला छोड़ दिया गया है. इन गड्ढों में पानी भर गया है और कंक्रीट से बाहर निकले लोहे के छड़ बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं. इसी तरह इंद्रपुरी में भी निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद भी सड़क को रिस्टोर नहीं किया गया है. वहीं, राजीव नगर में भी सीवरेज का पाइप डालने के लिए लगातार खुदाई की जा रही है. कॉलोनियों के भीतर भी सड़कें खोद दी गई हैं, लेकिन उन्हें अब तक रिस्टोर नहीं किया गया है. सड़क पर कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे लोगों को रोज भीषण जाम से जूझना पड़ रहा है.

अटल पथ पर काम पूरा नहीं, लोग परेशान

नमामि गंगे परियोजना के तहत दीघा-कंकड़बाग सीवरेज नेटवर्क परियोजना में अटल पथ सर्विस लेन पर 1200 मिमी व्यास की राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाने का काम बुडको द्वारा 30 मई तक पूरा कर लिया गया. मानसून को देखते हुए सड़क मरम्मत के लिए बुडको ने चार जून को ही बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) को फंड ट्रांस्फर कर दिए हैं. लेकिन, सर्विस लेन को रिस्टोर नहीं किया गया है. इससे बारिश होते सड़क पर कीचड़ की स्थिति बन जाती है. साथ ही, कई जगह मिट्टी भी समतल नहीं किए गये हैं.

एक नजर में…

बाकरगंज नाला: गांधी मैदान स्थित बाकरगंज नाले का निर्माण तीन साल बाद भी अधूरा है. पटना स्मार्ट सिटी की इस 26.98 करोड़ रुपये की परियोजना को दिसंबर 2023 में ही पूरा होना था, लेकिन जून 2026 तक भी इसका 35 से 40 फीसदी काम बाकी है. उमा सिनेमा से अंटा घाट संप तक बनने वाले 1463 मीटर लंबे इस नाले में करीब 200 मीटर के हिस्से में बॉक्स ड्रेन और सड़क का निर्माण बाकी है. संकरी गलियों और अतिक्रमण के कारण यहां बड़ी मशीनें नहीं जा पा रही हैं, जिसके चलते मजदूरों से पूरी तरह मैनुअल काम कराया जा रहा है. किनारे पर गाद रखने की जगह तक नहीं है. गांधी मैदान, राजेंद्र पथ और दलदली रोड जैसे घने इलाकों की जलनिकासी इसी नाले से होती है.

राजीव नगर नाला: दीघा आशियाना रोड से कुर्जी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन तक जाने वाला 4.26 किलोमीटर लंबा राजीव नगर नाला करीब 180.99 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है. जुलाई 2027 के लक्ष्य वाली इस परियोजना में पिछले माह काम लगभग ठप था. हालांकि, बकरीद के बाद मजदूरों के लौटने के बाद दोबारा शुरू हुआ है. इस नाले से राजीव नगर, केशरी नगर, एजी कॉलोनी व पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया जैसे घने मोहल्लों का पानी निकलता है. पक्कीकरण की बात करें तो एक हिस्से में 600 मीटर और दूसरे हिस्से में 500 मीटर तक ही काम हुआ है.

आनंदपुरी नाला: बाबा चौक से राजापुर पुल पंपिंग स्टेशन तक जाने वाले 4.02 किलोमीटर लंबे आनंदपुरी नाले की स्थिति अन्य नालों से थोड़ी बेहतर है. 91.27 करोड़ रुपये की इस योजना को मार्च 2025 में प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी और इसे जुलाई 2027 तक पूरा किया जाना है. मई तक तय डेडलाइन के अनुसार यहां 1150 मीटर तक काम पूरा किया जाना था, लेकिन करीब 200 मीटर का काम अभी भी अधूरा है.

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