पटना में पुलिस ने युवक को बंधक बनाकर मोबाइल से उड़ाए ₹1.10 लाख; चित्रगुप्त नगर के अपर थानाध्यक्ष सस्पेंड

Patna Police News : पटना के चित्रगुप्त नगर थाने के अपर थानाध्यक्ष सब इंस्पेक्टर शांतनु कुमार को एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने निलंबित कर दिया है. आरोप है कि उन्होंने एक युवक राजकृष्ण को बंधक बनाकर मारपीट की और डरा-धमका कर ऑनलाइन ₹1.10 लाख वसूल किए थे. पढ़ें रिपोर्ट.

Patna Police News (नितिश सिंह): पटना से खाकी वर्दी को सरेआम शर्मसार करने वाली और पुलिसिया रौब के पीछे चल रहे एक बड़े डिजिटल लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पटना के एसएसपी (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने गुरुवार को एक बेहद कड़ा ऐक्शन लेते हुए चित्रगुप्त नगर थाने के अपर थानाध्यक्ष सह सब इंस्पेक्टर (SI) शांतनु कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है. दारोगा शांतनु कुमार पर अपनी बहन के घर जा रहे एक निर्दोष युवक को जबरन बंधक बनाने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उसके ही मोबाइल से ₹1.10 लाख की ऑनलाइन रंगदारी/वसूली करने का गंभीर आरोप सदर डीएसपी की जांच में पूरी तरह सच पाया गया है.

बीएन कॉलेज और अंटा घाट के पास दुकान चलाने वाले राजकृष्ण को रास्ते से उठाया, मांगी ₹2 लाख की रंगदारी

एसएसपी कार्यालय को सौंपे गए शिकायत पत्र और पुलिसिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी अमानवीय घटना बीते 29 मई की शाम की है. बिक्रम थाना क्षेत्र के बड़की बलयारी गांव का रहने वाला पीड़ित युवक राजकृष्ण पटना के अंटा घाट इलाके में रहकर गुटखा, पान और सिगरेट बेचने का छोटा-मोटा व्यवसाय करता है. 29 मई की शाम करीब 5:30 बजे वह अपनी बहन के घर जाने के लिए भागवत नगर चौराहा के पास से गुजर रहा था. इसी दौरान चित्रगुप्त नगर थाना की सरकारी गाड़ी पर सवार होकर आए अपर थानाध्यक्ष शांतनु कुमार और उनके हमराहियों ने जबरन राजकृष्ण को कॉलर पकड़कर गाड़ी में बैठा लिया और थाने ले गए.

थाने के भीतर की बर्बरता: रात भर की मारपीट, फिर पासवर्ड पूछकर खुद ही ट्रांसफर किए ₹1.10 लाख

पीड़ित राजकृष्ण ने अपने लाइव आवेदन में आरोप लगाया है कि थाने के भीतर उसे रात भर बंधक बनाकर रखा गया और पुलिसकर्मियों द्वारा उसके साथ बर्बरता से मारपीट की गई. इसके बाद पुलिसवालों ने उसे एनडीपीएस (गांजा-तस्करी) या किसी बड़े संगीन मामले में जेल भेजने की धमकी देते हुए सीधे ₹2 लाख कैश की मांग की. जब गरीब दुकानदार ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो सब इंस्पेक्टर शांतनु कुमार ने उसका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया. पुलिसकर्मियों ने राजकृष्ण को डरा-धमका कर उसके फोन का लॉक खुलवाया और फिर उसके गूगल पे/फोन पे का यूपीआई (UPI) पासवर्ड जबरन पूछ लिया. इसके बाद दारोगा ने खुद ही राजकृष्ण के खाते से अलग-अलग अज्ञात लोगों के बैंक खातों में ₹1.10 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए.

एसएसपी के पास पहुंचे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लाइव सबूत, सदर डीएसपी की जांच में नपे साहब

इस खौफनाक टॉर्चर से मुक्त होने के बाद पीड़ित राजकृष्ण डरे-सहमे सीधे पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के पास पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाते हुए लिखित आवेदन दिया. सबसे बड़ी बात यह रही कि पीड़ित ने अपने बैंक खाते से कटे पैसों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के तमाम डिजिटल कागजात और स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में एसएसपी को ऑन-स्पॉट उपलब्ध करा दिए. मामला सीधे पुलिस की साख और भारी भ्रष्टाचार से जुड़ा होने के कारण एसएसपी ने तुरंत सदर डीएसपी अभिनव कुमार को इस पूरे नेटवर्क की गुप्त जांच करने के कड़े आदेश दिए.

सदर डीएसपी अभिनव कुमार ने जब बैंक खातों और तकनीकी सर्विलांस की गहराई से लाइव जांच की, तो सब इंस्पेक्टर शांतनु कुमार पर ऑनलाइन माध्यम से जबरन पैसा ट्रांसफर कराने और पद का दुरुपयोग करने के सभी आरोप 100 प्रतिशत सही और प्रमाणित पाए गए. डीएसपी ने बुधवार की रात अपनी कड़क रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी.

एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने रिपोर्ट मिलते ही तत्काल प्रभाव से सब इंस्पेक्टर शांतनु कुमार को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया है. इसके साथ ही आरोपी दारोगा के खिलाफ विभागीय जांच (प्रोसीडिंग) लाइव शुरू कर दी गई है. वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सस्पेंडेड दारोगा शांतनु कुमार और वसूली गैंग में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ बहुत जल्द रंगदारी और लूट की धाराओं में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है. इस महा-कार्रवाई के बाद पटना के पुलिस महकमे के भीतर हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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