Patna Online Fraud News (नितिश सिंह): पटना से ऑनलाइन डिजिटल इन्वेस्टमेंट और शेयर मार्केट के नाम पर आम लोगों को कंगाल बनाने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है. साइबर बदमाशों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर पटना के खगौल इलाके के रहने वाले एक संभ्रांत नागरिक बीके सिंह से पूरे 1.05 करोड़ (एक करोड़ पांच लाख) रुपये की रिकॉर्ड ठगी कर ली है. शातिर ठगों ने दो अलग-अलग तथाकथित इंटरनेशनल कंपनियों के रिप्रजेंटेटिव बनकर पीड़ित को अपने डिजिटल जाल में फंसाया था. जब पीड़ित ने थक-हारकर अपनी मूल रकम निकालने की कोशिश की तो वह ब्लॉक मिली, जिसके बाद पटना साइबर थाने में हाई-प्रोफाइल एफआईआर दर्ज कराई गई है.
साल 2024 से चल रहा था ठगी का यह साइलेंट नेटवर्क, एफएक्स रोड कंपनी के विदेशी नामों ने बिछाया था जाल
पटना साइबर थाना पुलिस को सौंपे गए लिखित शिकायत पत्र और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित बीके सिंह को अपराधियों ने एक दिन में अमीर बनने का सपना नहीं दिखाया, बल्कि दो साल से यह साजिश रची जा रही थी. साल 2024 के शुरुआती महीनों में बीके सिंह के पास ‘एफएक्स रोड’ (FX Road) नामक एक विदेशी ट्रेडिंग कंपनी के वीआईपी एग्जीक्यूटिव बनकर नोमान रमजान, थॉमस और अमरेश नाम के व्यक्तियों ने लगातार कई फोन कॉल्स किए. इन शातिर ठगों ने फर्जी ग्राफ और नकली वेबसाइट का लाइव लिंक दिखाकर बीके सिंह को भरोसा दिलाया कि इस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से रिटर्न सीधे डबल हो जाता है. उनके झांसे में आकर बीके सिंह ने अलग-अलग किस्तों में करीब 80 लाख रुपये उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए.
दूसरी कंपनी ‘प्रोक्सट्रेंड’ ने भी बहती गंगा में धोया हाथ, अशोक चंद्र कुमार ने लगा दिया 25 लाख का चूना
अभी बीके सिंह पहली कंपनी के मुनाफे का इंतजार ही कर रहे थे कि इसी बीच इस सिंडिकेट से जुड़े एक अन्य भारतीय एजेंट अशोक चंद्र कुमार ने उनसे संपर्क साधा. अशोक ने खुद को ‘प्रोक्सट्रेंड’ (Proxtrend) कंपनी का मुख्य भारतीय प्रतिनिधि बताया. उसने बीके सिंह को झांसा दिया कि अगर वे एफएक्स रोड के साथ-साथ प्रोक्सट्रेंड के पोर्टफोलियो में भी निवेश करते हैं, तो उनका पुराना सारा टैक्स माफ हो जाएगा और वे करोड़ों रुपये का शुद्ध मुनाफा सीधे अपने बैंक खाते में पा सकेंगे. शातिर अशोक के बुने जाल में फंसकर पीड़ित ने अपनी बची-कुची जमापूंजी से भी करीब 25 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए.
विड्रॉल मारते ही ब्लॉक हो गया डिजिटल वॉलेट, साइबर थाने की पुलिस ने शुरू की खातों की फॉरेंसिक जांच
जून 2026 के इस हफ्ते में जब बीके सिंह को पैसों की सख्त जरूरत पड़ी, तो उन्होंने दोनों कंपनियों के डिजिटल ऐप और वेबसाइट पर जाकर अपनी कुल राशि (1.05 करोड़) और उस पर मिले मुनाफे को विड्रॉल (निकालने) करने की कोशिश की. लेकिन जैसे ही उन्होंने बटन दबाया, उनका डिजिटल वॉलेट पूरी तरह सस्पेंड और ब्लॉक दिखा. इसके बाद जब उन्होंने नोमान रमजान, थॉमस और अशोक चंद्र कुमार के मोबाइल नंबरों पर कॉल किया, तो सभी नंबर परमानेंट स्विच ऑफ मिले. ठगी का अहसास होते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई.
पटना साइबर थाने के थानाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. पुलिस की तकनीकी और सर्विलांस टीम ने उन सभी बैंक खातों की सूची तैयार कर ली है, जिनमें बीके सिंह द्वारा पैसे ट्रांसफर किए गए थे. पुलिस इन खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (हॉरिजॉन्टल लॉक) कराने के लिए संबंधित बैंकों के मुख्यालयों को मेल भेज रही है. शुरुआती जांच में पता चला है कि इन पैसों को तुरंत देश के अलग-अलग राज्यों और दुबई स्थित कुछ क्रिप्टो वॉलेट्स में डाइवर्ट किया गया है. पुलिस की विशेष टीम कॉल डिटेल्स (CDR) और आईपी एड्रेस (IP Address) के जरिए अपराधियों के मुख्य ठिकाने को लोकेट करने में जुट गई है. इस महा-लूट के बाद पटना के निवेशकों के बीच भारी हड़कंप देखा जा रहा है.
