Patna Nurse hostel Snake scare: बाढ़ के चोंदी मोहल्ले स्थित नर्स ट्रेनिंग स्कूल इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और सुरक्षा संकट से जूझ रहा है. स्कूल परिसर के छात्रावास में लगातार जहरीले सांप निकलने से छात्राएं भय के साए में रहने को मजबूर हैं. यहां 50 से अधिक छात्राएं रहकर पढ़ाई के साथ अनुमंडल अस्पताल में प्रशिक्षण भी प्राप्त करती हैं.
हॉस्टल में लगातार निकल रहे सांप
छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल की स्थिति काफी जर्जर है और बीते कई दिनों से छात्रावास के विभिन्न हिस्सों में सांप निकल रहे हैं. कभी बाथरूम, कभी क्लासरूम तो कभी छात्राओं के कमरों में सांप दिखाई दे रहे हैं. इससे छात्राओं में दहशत का माहौल बना हुआ है. छात्राओं ने बताया कि हर समय यह डर बना रहता है कि कब सांप निकल जाए और कोई बड़ी घटना हो जाए.
सांप के डर से भागी छात्रा, टूटा हाथ
छात्राओं के अनुसार हाल ही में सांप निकलने के दौरान एक छात्रा घबराकर भागने लगी और गिर गई, जिससे उसका हाथ टूट गया. घटना के बाद छात्राओं ने हॉस्टल प्रबंधन से सुरक्षा की मांग की.
एक सप्ताह की छुट्टी, लेकिन समस्या बरकरार
छात्राओं का कहना है कि सांप निकलने की घटनाओं के बाद प्रबंधन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक सप्ताह की छुट्टी दे दी थी और आश्वासन दिया था कि इस दौरान सफाई कर समस्या का समाधान किया जाएगा. हालांकि छुट्टी के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है.
प्रबंधन ने विभाग को दी जानकारी
मामले को लेकर हॉस्टल प्रबंधन की प्राचार्य स्मिता कुमारी ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया. वहीं बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी संबंधित विभाग और अनुमंडल अस्पताल प्रशासन को दे दी गई है.
नगर परिषद को भेजा जाएगा पत्र
अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनय कुमार चौधरी ने बताया कि परिसर में साफ-सफाई और झाड़ियों की कटाई के लिए नगर परिषद को पत्र भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिकता है.
सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग
छात्राओं ने मांग की है कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए. अस्पताल प्रशासन के अनुसार पुराने अस्पताल भवन में मरम्मत का कार्य चल रहा है. व्यवस्था पूरी होने के बाद छात्राओं को वहां स्थानांतरित किया जा सकता है. उल्लेखनीय है कि नर्स ट्रेनिंग स्कूल के नए भवन निर्माण की प्रक्रिया करीब एक वर्ष पहले शुरू हुई थी. लेआउट का कार्य पूरा होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है, जिससे छात्राओं को जर्जर भवन में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है.
