पटना में पंचायत सचिवों का पांच सूत्री मांगों को लेकर तीसरे दिन भी धरना जारी

Patna News: पटना में पंचायत सचिवों का पांच सूत्री मांगों को लेकर तीसरे दिन भी धरना जारी रहा. पंचायत सचिव अपनी मांग पर अड़े हैं. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगा.

Patna News: (प्रमोद झा की रिपोर्ट) पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ द्वारा पांच सूत्री मांगों को लेकर चल रहा महाधरना तीसरे दिन भी जारी रहा. संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगा.

संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली, सिवान और गोपालगंज में कार्यरत पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है. उन्होंने कहा कि संघ निलंबित पंचायत सचिवों के साथ मजबूती से खड़ा है और जब तक निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा.

पंचायत सचिव संघ की प्रमुख मांगें

  • ग्रेड पे में संशोधन कर 4200 रुपये किया जाए
  • पंचायत सचिवों का गृह जिला में स्थानांतरण किया जाए
  • शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित करते हुए पदनाम बदलकर जीपीआरओ किया जाए
  • परिवहन भत्ता का लाभ दिया जाए
  • पंचायत सचिव से प्रखंड राज पदाधिकारी पद पर प्रोन्नति में 55 वर्ष की उम्र सीमा समाप्त की जाए

संघ के महामंत्री राकेश रंजन ने कहा कि यह हड़ताल पंचायती राज विभाग द्वारा वर्षों से उपेक्षित और प्रताड़ित कर्मियों के सम्मान एवं अधिकार की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. महाधरना को मिथिलेश कुमार सिंह, कृष्णानंद शर्मा, ललन कुमार साह, राजकिशोर सिन्हा, सतीश कुमार और सन्नी कुमार ने भी संबोधित किया.

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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