Patna News: सुबह की सैर हो या शाम का योग, अब पटना के पार्क ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होने जा रहे हैं. राजधानी के हरियाली भरे सार्वजनिक स्थलों को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो चुकी है.
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने घोषणा की है कि शहर के 35 बड़े पार्कों में योग शेड बनाए जाएंगे, जहां हर मौसम में लोग योग कर सकेंगे. इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से पटना के 110 पार्कों में एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी ईको पार्क से सेंट्रलाइज्ड तरीके से की जाएगी.
योग के लिए बनेगा हर मौसम का इंतजाम
पटना के जिन प्रमुख पार्कों में योग शेड का निर्माण प्रस्तावित है, उनमें ईको पार्क, वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क, नवीन सिन्हा पार्क, पुनाईचक पार्क, शिवाजी पार्क, अमृत पार्क, मैकडोवेल पार्क, भंवर पोखर पार्क और पुलिस कॉलोनी पार्क जैसे नाम शामिल हैं. इन योग शेड्स के तैयार होने के बाद करीब एक हजार से अधिक लोग प्रतिदिन इन पार्कों में योगाभ्यास कर सकेंगे. बारिश, तेज धूप या ठंड के बावजूद लोगों की दिनचर्या बाधित नहीं होगी.
पार्कों की सुरक्षा पर खास जोर
मंत्री ने बताया कि राजधानी के कुल 110 पार्कों में एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इन कैमरों से न सिर्फ पार्कों में आने-जाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पार्कों में लगी संपत्ति और सुविधाओं की निगरानी भी आसान होगी. सभी कैमरे ईको पार्क से सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़े जाएंगे, जिससे किसी भी गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी.
पांच साल का मास्टर प्लान तैयार
पटना के पार्कों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने के लिए अगले पांच वर्षों का विस्तृत प्लान तैयार किया जाएगा. समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने पटना पार्क डीएफओ को सख्त निर्देश दिए कि पेयजल, स्वच्छता और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए. उनका कहना था कि पार्क सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि शहर की जीवनशैली का अहम हिस्सा हैं.
हरियाली बढ़ाने पर भी फोकस
शहर के बाहर भी हरियाली को बढ़ाने की योजना पर काम तेज किया जा रहा है. मंत्री ने बताया कि पटना-डोभी (गया जी) फोरलेन सड़क के दोनों ओर चार लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे. इसके लिए सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. खास बात यह है कि इस अभियान में फलदार पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिल सके.
