Patna News: (प्रमोद झा) नागरिक अधिकार मंच की ओर से विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारियों व भवन मालिकों की बैठक में गैर-आवासीय संपत्ति कर में बेतहाशा वृद्धि व टैक्स वसूली के निजीकरण का विरोध किया गया. इसकी अध्यक्षता वार्ड संख्या 28 के पार्षद व पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पु ने की. बैठक में व्यापारियों व भवन मालिकों ने इसका विरोध करते हुए सरकार से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है.
पार्षदों ने नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
नगर निगम की 22 मई को होनेवाली निगम बोर्ड की बैठक में संपत्ति कर वसूली का अधिकार निजी कंपनी को सौंपने संबंधी प्रस्ताव रखने का निर्णय लिया गया है. इस प्रस्ताव का विरोध किया जायेगा. इसके लिए सड़क से सदन तक संघर्ष होगा. आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय में जाने की बात कही गयी. पार्षद विनय कुमार पप्पु ने कहा कि नियमानुसार नगर निगम को केवल दो श्रेणियों आवासीय एवं गैर-आवासीय के आधार पर कर निर्धारण व वसूली का अधिकार है. लेकिन नगर निगम द्वारा भवन में संचालित व्यवसाय की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग कर निर्धारण का निर्णय लिया गया है. यह नियमों की भावना के प्रतिकूल व मनमाना है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय छोटे एवं मध्यम व्यापारियों, गोदाम संचालकों, होटल व्यवसायियों, दुकानदारों एवं मैरेज हॉल संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है.
निजी हाथों में कर वसूली गलत, होगा आंदोलन
बैठक में बताया गया कि टैक्स की वसूली का निजीकरण होने से आम नागरिकों एवं व्यापारियों का शोषण बढ़ेगा. यह नागरिक हितों के विरुद्ध है और इसका गलत प्रभाव पड़ेगा. प्राइवेट एजेंसी कर वसूली का काम करेगी, तो अनावश्यक उत्पीड़न बढ़ेगा. इससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगी. बैठक में बताया गया कि इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ संघर्ष होगा. सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन किया जायेगा.
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