Patna News: (हिमांशु देव की रिपोर्ट) मानसून को देखते हुए पटना नगर निगम ने जलजमाव से निपटने के लिए सख्त कदम उठाया है. शहर के बड़े और छोटे नालों की सफाई के साथ अब कार्यपालक पदाधिकारियों को रात में फील्ड में उतरकर निरीक्षण करना अनिवार्य कर दिया गया है. यह व्यवस्था 15 मई से 30 जून 2026 तक लागू रहेगी.
मानसून से पहले नालों की सफाई पर तेज हुआ काम
पटना शहर में बड़े और छोटे नालों की उड़ाही का कार्य तेजी से किया जा रहा है. करीब 53 हजार मैनहोल, कैप, सर्विस ड्रेन और अन्य जल निकासी संरचनाओं की सफाई जारी है. नगर निगम मुख्यालय से पूरे काम की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही न हो सके.
कुछ बड़े नालों के काम में आई धीमी गति
सैदपुर नाला, राजीव नगर नाला, आनंदपुरी नाला और मंदिरी नाला में निर्माण कार्य के चलते उड़ाही का काम अपेक्षाकृत धीमी गति से चल रहा है. हालांकि निगम का दावा है कि इसी महीने सभी नालों की सफाई और उड़ाही का काम पूरा कर लिया जाएगा.
रात में फील्ड पर उतरेंगे अधिकारी, सख्त आदेश जारी
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को रात 10 बजे से 12 बजे के बीच अपने क्षेत्रों के बड़े नालों का अनिवार्य निरीक्षण करना होगा. इस कदम का उद्देश्य जल निकासी व्यवस्था में किसी भी बाधा को तुरंत पहचानकर उसे दूर करना है.
GPS फोटो शेयर करना होगा अनिवार्य
निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारियों को जीपीएस लोकेशन के साथ तस्वीरें लेकर उसे आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में तुरंत साझा करना होगा. नगर निगम ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम बताया है.
जलजमाव रोकने के लिए कड़ा प्रशासनिक कदम
नगर निगम का कहना है कि मानसून के दौरान शहर में जलजमाव की समस्या से बचने के लिए यह सख्त व्यवस्था लागू की गई है. निगम प्रशासन को उम्मीद है कि रात में होने वाले निरीक्षण से नालों की सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सकेगा.
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