मनेर में 2 करोड़ की कटावरोधी योजना पर अनियमितता के आरोप, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

मनेर में गंगा नदी के कटावरोधी 2 करोड़ रुपये की योजना में ग्रामीणों ने अनियमितता के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जियो बैग में बालू की जगह मिट्टी भरी जा रही है. शिकायत अधिकारियों तक पहुंची है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

Patna News: मनेर क्षेत्र में गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे कटावरोधी कार्य पर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग नहीं हो रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, कटावरोधी कार्य में जिन जियो बैगों में गंगा नदी की बालू भरी जानी चाहिए, उनमें कथित रूप से मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि नीचे की परत में मिट्टी भरकर ऊपर से बालू वाले बोरे रखकर मामले को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है.

ग्रामीणों ने की थी शिकायत

यह कार्य गंगा नदी के दाहिने तट पर हल्दी छपरा के बदल टोला शमशान घाट से नयका टोला तक तथा हल्दी छपरा के निकट अति भार हटाने के लिए क्रमशः लगभग 1 करोड़ 39.56 लाख रुपये एवं 48.69 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है.

ग्रामीणों ने इस संबंध में सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री तक शिकायत भेजने की बात कही है. शिकायतकर्ताओं में ग्रामीण पिंटू सिंह सहित अन्य लोग शामिल हैं, जिन्होंने कार्य स्थल पर मौजूद कनीय अभियंता से भी आपत्ति दर्ज कराई.

मानक के अनुरूप जियो बैग नहीं भरे जा रहे

ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने मौके पर सवाल उठाए तो कनीय अभियंता ने उन्हें सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, खगौल जाकर अपनी बात रखने को कहा. स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में एक एजेंसी द्वारा किए गए कटावरोधी कार्य की गुणवत्ता खराब होने के कारण लगभग 40 मीटर का हिस्सा गंगा नदी में बह गया था. उनका आरोप है कि पिछली बार भी मानक के अनुरूप जियो बैग नहीं भरे गए थे, जिसका खामियाजा क्षेत्र को भुगतना पड़ा.

जिम्मेदारी से बचते हैं विभागीय अधिकारी

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी अक्सर जिम्मेदारी से बचते हुए नाविकों को दोषी ठहराते हैं. लोगों का कहना है कि यदि इस बार भी कार्य की निगरानी सख्ती से नहीं की गई तो यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है. ग्रामीणों ने कार्य स्थल की फोटो और वीडियो भी अधिकारियों को सौंपे हैं, जिनमें कथित रूप से बालू की जगह मिट्टी भरकर जियो बैग तैयार करते हुए देखा जा सकता है. वहीं, इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने कई बार मौके पर पहुंचकर विरोध और हंगामा भी किया है. फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Also Read: बिहार में अब हाईवे किनारे चलेगा बुलडोजर, 20 दिन में अवैध ढाबा-होटल और अतिक्रमण हटाने का फरमान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >