Patna News: (आनंद तिवारी) स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति अब सख्त रुख अपनाने लगी है. पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को लिखित निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होंगे, वहां किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी पदाधिकारी की मानी जाएगी. हाल ही में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के औचक निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि जिले के कई स्वास्थ्य संस्थान सीसीटीवी मॉनिटरिंग सूची में शामिल ही नहीं हैं. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
राजेंद्र नगर और गर्दनीबाग अस्पताल को लगाया गया था निर्देश
सिविल सर्जन ने विशेष रूप से राजेंद्र नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक और गर्दनीबाग अस्पताल के उपाधीक्षक को सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था. हालांकि, माह समाप्त होने के बाद भी दोनों संस्थानों में कैमरे नहीं लगाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है.
गर्दनीबाग अस्पताल में नवजात की मौत के बाद उठा था मामला
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को गर्दनीबाग अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक नवजात की मौत हो गई थी. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और चिकित्सकीय लापरवाही की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की थी. लेकिन अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण प्रशासन को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था. इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे.निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की अनुपस्थिति को सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए गंभीर खतरा बताया.
सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द लगे सीसीटीवी कैमरे
सिविल सर्जन ने निर्देश दिया है कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं.साथ ही कैमरों के माध्यम से संस्थान की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा गया है. में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जवाबदेही संबंधित प्रभारी पदाधिकारी की होगी.
