Patna News: (हिमांशु देव) बिहार के युवा लेखक अभिषेक राज ने कम उम्र में ही अपराध अध्ययन और अपराध लेखन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना ली है. अभिषेक “कर्मा ग्रे” नाम से लेखन करते हैं और “द क्राइम लेजर” नामक एक स्वतंत्र डिजिटल मंच के संस्थापक हैं.
अपराध अध्ययन पर केंद्रित है मंच
“द क्राइम लेजर” मंच अपराध, अपराध मनोविज्ञान, न्याय व्यवस्था, कानूनी जागरूकता और जिम्मेदार अपराध लेखन जैसे विषयों पर केंद्रित है. इस मंच के जरिए अभिषेक समाज में अपराध से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.
दसवीं में हासिल किए 87 प्रतिशत अंक
अभिषेक ने इसी वर्ष दसवीं की परीक्षा 87 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है. उन्होंने बताया कि अपराध अध्ययन में उनकी रुचि सातवीं कक्षा से ही शुरू हो गई थी, जो अब एक गंभीर बौद्धिक मंच का रूप ले चुकी है.
अपराध को मनोरंजन नहीं मानते अभिषेक
अभिषेक ने “द क्राइम लेजर” के माध्यम से अपराध, मृत्युदंड, अपराध आधारित सामग्री में बढ़ती सनसनी, हिंसा की रिपोर्टिंग और उसके सामाजिक प्रभाव जैसे विषयों पर कई लेख लिखे हैं. उनका मानना है कि अपराध को केवल मनोरंजन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसके पीछे छिपे पीड़ितों, सामाजिक कारणों और न्याय व्यवस्था को समझना भी जरूरी है.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखी अपनी बात
हाल ही में अभिषेक को ब्रिटेन के चर्चित वार्ता कार्यक्रम All Things Conflict में शामिल किया गया. इस कार्यक्रम का संचालन मारिया अर्पअ करती हैं। “हत्या मनोरंजन नहीं है” विषय पर आयोजित चर्चा में अभिषेक ने अपराध आधारित सामग्री के बढ़ते सनसनीखेज स्वरूप और उसके दुष्प्रभावों पर अपनी राय रखी.
नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिली मान्यता
अभिषेक के कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है. नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उन्हें “स्वतंत्र अपराध अध्ययन प्रकाशन के सबसे कम उम्र के संस्थापक” के रूप में मान्यता दी है.
प्रतिष्ठित अध्ययन कार्यक्रम के लिए हुआ चयन
इसके अलावा अभिषेक का चयन जोन लोके इंस्टीट्यूट के प्रतिष्ठित अध्ययन कार्यक्रम के लिए भी किया गया है. उनकी उपलब्धियों को लेकर बिहार के युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है.
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