Patna News: (मोनु कुमार मिश्रा की रिपोर्ट) पटना पुलिस ने रंगदारी और अवैध हथियारों के बल पर क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले कुख्यात ‘दया दुबे गैंग’ के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए उसके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दिया है. कई दिनों से चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना दया दुबे समेत चार शातिर अपराधियों को दबोचा है. पुलिस ने इनके पास से एक देसी कट्टा, एक देसी पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस तथा पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 23 मई को बिहटा थाना में एक महिला ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़िता का आरोप था कि 22 मई की शाम दया दुबे और उसके गुर्गों ने उनसे सात लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था.
बक्सर से दबोचा गया सरगना
तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर पुलिस टीम ने 1 जून को बक्सर जिले में गुप्त रूप से छापेमारी की. यहाँ से पुलिस ने गैंग के सरगना दया दुबे और उसके सबसे करीबी सहयोगी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया. दोनों से कड़ाई से की गई पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो अन्य सक्रिय सदस्यों ओम सिंह और शिवम कुमार को भी दबोच लिया.
गिरफ्तार अपराधियों की प्रोफाइल:
- दया दुबे (सरगना) – निवासी: महुआर, बिहटा
- अभिषेक कुमार उर्फ अभि – निवासी: रामतरी, बिहटा
- ओम सिंह उर्फ यशार्थ सिंह – निवासी: लाई गांव, बिहटा
- शिवम कुमार – निवासी: गोना, रानीतालाब
कई थानों में दर्ज हैं संगीन मामले, खंगाला जा रहा है पूरा सिंडिकेट
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गैंग सरगना दया दुबे एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है. उस पर पटना जिले के बिहटा, नौबतपुर, पालीगंज, दीघा, रानीतालाब तथा भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना समेत विभिन्न थानों में रंगदारी, आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला और मारपीट की कई गंभीर धाराएं दर्ज हैं. पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह को हथियार कहाँ से सप्लाई होते थे और इनके आर्थिक स्रोत क्या हैं.
पहले भी दबोचे जा चुके हैं गैंग के 4 गुर्गे, अब टूटी कमर
पुलिस का दावा है कि इस गैंग के खिलाफ पिछले एक हफ्ते से बैक-टू-बैक कार्रवाई चल रही थी:
- 25 मई: बिहटा आरओबी के पास से रंजीत कुमार को एक कट्टा और 10 कारतूस के साथ पकड़ा गया था.
- 27 मई: दिलावरपुर से विशाल कुमार को एक कट्टा और दो कारतूस के साथ दबोचा गया.
- 01 जून: रंगदारी के ही एक अन्य मामले में आदित्य कुमार और सचिन कुमार को एक कट्टा व 8 कारतूस के साथ जेल भेजा गया था.
पहले चार और अब सरगना समेत चार अन्य की गिरफ्तारी के बाद दया दुबे गैंग की कमर पूरी तरह टूट चुकी है और गिरोह का नेटवर्क पूरी तरह बिखर गया है.
अपराधियों के लिए क्षेत्र में कोई जगह नहीं: सिटी एसपी
सिटी एसपी (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह ने सख्त लहजे में अपराधियों को संदेश देते हुए कहा कि पटना के पश्चिमी इलाके में अपराध, रंगदारी और भय का माहौल बनाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ पुलिस का यह कड़ा अभियान आगे भी जारी रहेगा. आम जनता की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
Also Read: बेगूसराय में BPSC शिक्षक की शर्मनाक करतूत, नाबालिग छात्रा से की अश्लील हरकत, गिरफ्तार
