Patna News: बाढ़ के उत्तरवाहिनी गंगा घाट स्थित उमानाथ गंगा घाट पर शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया. नालंदा जिला के रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्रांडी पंचायत के कुन्हा गांव से शुद्धि स्नान के लिए करीब 15 लोग ऑटो से पहुंचे थे. सभी लोग गंगा स्नान कर रहे थे तभी अचानक पैर फिसलने से तीन महिलाएं गहरे पानी में चली गईं.
गहरे पानी में समाईं तीन महिलाएं
स्नान के दौरान तीनों महिलाएं गंगा के गहरे हिस्से में पहुंच गईं और डूबने लगीं. घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. परिजनों में चीख-पुकार मच गई और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े.
13 वर्षीय किशोर ने बचाई दो जानें
इस दौरान फूल-माला बेचने वाला 13 वर्षीय सनी कुमार साहस दिखाते हुए गंगा नदी में कूद गया. उसने अपनी जान जोखिम में डालकर दो महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हालांकि काजल कुमारी नामक किशोरी को वह नहीं बचा सका और वह पानी में डूब गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक, सनी अब तक अपनी जान पर खेलकर करीब 10 लोगों की जिंदगी बचा चुका है.
लापरवाही की भेंट चढ़ा 50 लाख का घाट
हादसे ने घाट निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है. करीब 50 लाख रुपये से भी अधिक की लागत से बनी नई सीढ़ी महज एक-दो साल के भीतर ही भरभराकर धराशायी हो गई. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सीढ़ी धंसने के बावजूद प्रशासन ने पहले से कोई सुरक्षा इंतजाम या बैरिकेडिंग नहीं की थी.
प्रशासन ने शुरू की तलाश और बैरिकेडिंग
घटना की सूचना पर बाढ़ थाना अध्यक्ष बृज किशोर सिंह, सीडीपीओ रामकृष्ण, अंचल अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह और एसडीओ गरिमा लोहिया मौके पर पहुंचे. स्थानीय गोताखोरों की मदद से डूबी किशोरी की तलाश जारी है. साथ ही घाट पर बांस-बल्लियों से बैरिकेडिंग कर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोका जा रहा है.
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