Patna News: (हिमांशु देव की रिपोर्ट) सुपौल जिले के बॉलीवुड व मराठी फिल्म अभिनेता कुमार आर्यन को जिले के वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा सम्मानित किया गया. रविवार को सरायगढ़-भपटियाही में आयोजित जिला स्तरीय एक दिवसीय पत्रकार सम्मेलन में उन्हें यह सम्मान दिया गया. करीब 15 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले कुमार आर्यन को यह सम्मान मिलने पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खुशी जताई.
सम्मान समारोह के दौरान कुमार आर्यन ने कहा कि कलाकार के जीवन में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. मीडिया कलाकार को आम से खास बनाती है और उसके काम को समाज तक पहुंचाती है. उन्होंने बिहार सरकार से सुपौल जिले में एक कला केंद्र खोलने की मांग की, ताकि स्थानीय युवाओं को अभिनय, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके.
संघर्ष के बल पर अभिनय की दुनिया में बनाई पहचान
प्रतापगंज प्रखंड के गोविंदपुर गांव निवासी कुमार आर्यन ने मुंबई में संघर्ष के बल पर अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है. वह सुपौल जिले के पहले ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने बॉलीवुड और मराठी फिल्मों में काम कर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. उनकी माता का नाम शिवकला देवी है, जबकि उनके पिता गिरीशचंद्र मिश्रा का निधन 19 जून 2024 को हुआ था. मालूम हो कि इससे पहले सुपौल जिले से पार्श्व गायक उदित नारायण झा और बिहार कोकिला स्वर्गीय शारदा सिन्हा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी. अब जिले को कुमार आर्यन से भी बड़ी उम्मीदें हैं.
इनकी रही मौजूदगी
विनय कुमार मिश्रा, दयानंद भारती, अमरेंद्र कुमार ‘मुन्ना’, भरत झा, रवि कुमार, कुमार अमर, उपेंद्र चंदन, करण कुमार लड्डू, विमल भारती, मनोज रोशन, संतोष चौहान, अमित कुमार, आभा अनुपमा, धर्मेंद्र कुमार धीरज सहित अन्य.
